त्याग, संयम और आत्मचिंतन से ही प्रशस्त होता है मोक्षमार्ग : निर्यापक श्रमण मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज
त्याग, संयम और आत्मचिंतन से ही प्रशस्त होता है मोक्षमार्ग : निर्यापक श्रमण मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन भक्ति, साधना और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा-भक्ति के साथ किया विधान, पूजन एवं आराधना कोटा, 22 जुलाई। श्री आदिनाथ दिगम्बर […]
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