प्रतिभा सबमें है, बस उसे पहचानने वाली नज़र चाहिए : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
प्रतिभा सबमें है, बस उसे पहचानने वाली नज़र चाहिए : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज अपनी विशेषताओं को पहचानें, दूसरों की प्रतिभा का सम्मान करें और समाज के कल्याण में करें उसका उपयोग : आचार्यश्री पुष्पगिरी तीर्थ पर औरंगाबाद जैन समाज के पूर्व पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने किए संतों के दर्शन, प्राप्त किया मंगल […]
Read More