सामायिक से होती है असंख्यात गुणी कर्मनिर्जरा : मुनि श्री योगसागर जी महाराज
सामायिक से होती है असंख्यात गुणी कर्मनिर्जरा : मुनि श्री योगसागर जी महाराज श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस समता, संयम और आत्मसाधना का संदेश कोटा, 21 अक्टूबर 2026। बुधवार, आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी के पावन अवसर पर श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा में चल रहे श्री 1008 कल्पद्रुम […]
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