विनम्रता और सद्गुणों से ही संभव है आत्मकल्याण : आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज*
*विनम्रता और सद्गुणों से ही संभव है आत्मकल्याण : आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज* नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर। गुरदेव ने अपने प्रवचन में कहा अपने लहजे में नम्रता बनाए रखें, क्योंकि यह संसार एक मेहमानखाना है। यहाँ व्यक्ति अमीर तो हो सकता है, लेकिन अमर नहीं। जीवन की इसी सच्चाई को समझाते हुए सद्गुणों […]
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