दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज*
दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज* कुण्डलपुर। सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास में साधक की बाहरी यात्रा भले ही रुक जाती है, लेकिन उसकी अंतरयात्रा […]
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