आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के समक्ष मुनि श्री प्रभाष सागर महाराज ने सभी अन्न का त्याग किया रायपुर के निर्मल छाबड़ा ने दीक्षा हेतु श्रीफल भेट कर किया निवेदन
सीकर
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आचार्य श्री धर्म सागर विधान भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ
इसी क्रम में परम पूज्य मुनिश्री 108प्रभाष सागर जी महाराज ने सभी अन्न का त्याग किया। एवम रायपुर के श्री निर्मल छाबड़ा ने आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के समक्ष दीक्षा हेतु निवेदन करते हुए श्रीफल समर्पित किया।
समाधि भूमि पर आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज विराजित है समाधि भूमि निकट समाधि भूमि भी निर्वाण भूमि होने के कारण ऊर्जावान होती है। आचार्य संघ सानिध्य और समाधि भूमि के पुण्य से अनेक श्रावक सीकर में दीक्षा हेतु श्रीफल भेंट कर रहे हैं इसी क्रम में जब से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज अपने दीक्षा गुरु आचार्य धर्म सागर जी की समाधि भूमि पर विराजित है । समाधि भूमि भी निर्वाण भूमि होने के कारण ऊर्जावान होती है आचार्य संघ सानिध्य और समाधि भूमि के पुण्य से अनेक श्रावक सीकर में दीक्षा हेतु श्रीफल भेंट कर रहे हैं, इसी क्रम में रायपुर के निर्मल छाबड़ा ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज को जेनेश्वरी दीक्षा हेतु श्रीफल भेंट किया लौकिक जीवन के पिता ने भी आचार्य श्री से मुनि दीक्षा लेकर समाधिस्थ मुनि श्री देवेश सागर जी हुए थे इसके पूर्व 4 दिन पूर्व ब्रह्मचारिणी 7 प्रतिमा धारी अनिता पाटनी कोलकाता ने भी दीक्षा का श्रीफल भेंट किया। एक संयोग रहा कि विजया दशमी आश्विन शुक्ल दशमी के मुनि श्री हितेन्द्र सागर जी , आर्यिका श्री निर्मोह मति, श्री पद्म यश मति एवं आर्यिका श्री दिव्य यश मति का भी संयम दीक्षा दिवस रहा ।

आचार्य श्री धर्म सागर जी के मुनि दीक्षा के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में मुनि श्री प्रभाष सागर जी के पूर्व परिजनों श्रीमती बसंती देवी विकास पाटनी जयपुर द्वारा आचार्य श्री धर्म सागर मंडल विधान की पूजन विभिन्न अष्ट द्रव्यों , विभिन्न नैवेद्य , पुष्पों, फलों से भक्ति पूर्वक की गई। आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट का सौभाग्य सी ए विकास पाटनी, निर्मल छाबड़ा, अनीता दीदी एवं अन्य को प्राप्त हुआ किस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने अपने आशीर्वचन में बताया कि सीकर से मुनि श्री प्रभाष सागर जी का गृहस्थ अवस्था से संपर्क रहा है उन्होंने लौकिक जीवन में आचार्य धर्म सागर जी महाराज की समाधि निकट से सेवा करते देखी।उनकी समाधि के बाद वर्तमान तक प्रतिवर्ष वह समाधि स्थल के दर्शन कर यह भावना करते थे कि इसी स्थान पर मेरी दीक्षा हो और समाधि भी हो। इसी क्रम में आज आश्विन शुक्ल विजया दशमी से सभी प्रकार के अन्न का त्याग किया। सीमित सामग्री आहार में ग्रहण करेंगे,उनकी यही भावना है कि आराध्य गुरु की समाधि भूमि पर मेरी भी समाधि हो


डॉ राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि समाधि में अंतरंग की कषाय का और उपवास से शरीर को कृष क्षीण किया जाता है। समाधि का लक्ष्य महत्वपूर्ण होता है गुरु सन्निधि से सब प्राप्त होता है संसारी जीवन में अनेक कष्ट विपदा आती है सबसे बड़ा मोह संयम में बाधक होता है गुरु समागम से दुःख सुख में बदल जाता हैं। गुरु का गुणानुवाद करना शिष्य का कर्तव्य हैं।गुरु श्री धर्म सागर जी की पूजन का मंत्रोच्चार आचार्य श्री, मुनि श्री हितेन्द्र सागर जी ने , आर्यिका श्री महायश मति ने किया ।मंडल विधान की पूजन के बाद आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की पूजन की। इस अवसर पर कुमारी मेधा ने सुंदर भावपूर्ण भजन प्रस्तुत कर भावना प्रकट की।

पूजन में संघ के ब्रह्मचारी , ब्रह्मचारिणी, आहार के सहयोगी एवं समाज उपस्थित रही। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री प्रभात सागर जी ने आचार्य धर्मासागर जी के अनेक गुणों का वर्णन कर चमत्कार बताया कि डॉक्टर ने मुझे संतान प्राप्ति का योग नहीं बताया अनेक डॉक्टर को दिखाया आचार्य श्री धर्म सागर जी का आशीर्वाद मेरे जीवन में चमत्कार लेकर आया कि मेरे पुत्र विकास का जन्म सन 1985 में हुआ आज्ञाकारी पुत्र और परिजनों ने मुझे त्याग मार्ग में आगे बढ़ने पर कभी रोक नहीं सहर्ष स्वीकृति दी। मैंने 11 वर्ष पहले आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज से 7 प्रतिमा के व्रत नियम लिए में आचार्य धर्म सागर जी महाराज की समाधि स्थल पर पिछले 38 वर्षों से प्रतिवर्ष आता हूं प्रतिमा के दर्शन से मुझे आत्म बल मिलता है और विकल्प रहित होता हूँ त्याग ही मोक्ष का मार्ग है आज विजयदशमी पर में आचार्य श्री के समक्ष सभी प्रकार के अनाज के त्याग का संकल्प लेता हूं आगामी धनतेरस से भी अनेक पदार्थ का में आचार्य श्री की आज्ञा से त्याग करूंगा आज होगा प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का आचार्य पद प्रतिष्ठापना पद दिवस आचार्य संघ सान्निध्य में महा मंडल विधान की पूजन एवं विनयांजलि पूर्वक मनाया जाएगा।




राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
