आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की विनीत चंद्र के रूप में दो चेतन कृतियां

आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की विनीत चंद्र के रूप में दो चेतन कृतियां कुंडलपुर विश्व वंदनीय आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज ने ने जैन धर्म की ध्वजा को पुलकित किया निश्चित रूप से गुरुदेव ने श्रमण परंपरा को अक्षम ने बनाए श्रमण परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ साथ गुरुकुल की परंपरा को भी जीवंत […]

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मुनिश्री विनीत सागर महाराज, मुनिश्री अतुल सागर महाराज द्वय ऋषिराज का रात्रि विश्राम घास फूस की एक झोपड़ी में हुआ, निर्मोही साधक

मुनिश्री विनीत सागर महाराज, मुनिश्री अतुल सागर महाराज द्वय ऋषिराज का रात्रि विश्राम घास फूस की एक झोपड़ी में हुआ, निर्मोही साधक सेनगाव धरती अंबर आकाश बिछोना ऐसे दिगंबर संत का क्या कहना यह तथ्य की सार्थकता तब परिलक्षित हुई जब युग शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य परमपूज्य मुनिश्री विनीतसागर महाराज, परमपूज्य […]

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समंतभद्र स्वामी की परिभाषा को अपनी चर्या से परिभाषित करने वाले विनीतसागर जी

समंतभद्र स्वामी की परिभाषा को अपनी चर्या से परिभाषित करने वाले विनीतसागर जी  आश्विन शुक्ल पूर्णिमा का दिन वैसे तो पूर्णिमा शब्द ही पूर्णता को प्रकट करता है। आज के दिन परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी के करकमलों से श्रमण परंपरा में सिद्धोदय क्षेत्र नेमावर जी में 16 अक्टूबर 1997 को […]

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