13 दिन बाद रामगंजमंडी पर मेहरबान हुआ मानसून: रिमझिम फुहारों से मिली राहत, किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
भीषण गर्मी और उमस से लोगों को मिली राहत, खेतों में लौटे उम्मीद के बादल; अब झमाझम बारिश का इंतजार
रामगंजमंडी।
लगातार 13 दिनों तक भीषण गर्मी और उमस झेलने के बाद आखिरकार मंगलवार सुबह रामगंजमंडी पर मानसून मेहरबान हो गया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। ठंडी हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी, वहीं किसानों के चेहरों पर भी लंबे इंतजार के बाद मुस्कान लौट आई।
बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर लोगों को छाते लेकर अपने गंतव्य की ओर जाते देखा गया। कुछ समय के लिए यातायात भी धीमा रहा, लेकिन मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से शुष्क मौसम से परेशान शहरवासियों ने बारिश का खुले दिल से स्वागत किया।

किसानों के लिए बनी उम्मीद की किरण
पिछले 13 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार प्रभावित हो रही थी। खेतों में नमी की कमी से किसान चिंतित थे। मंगलवार की रिमझिम बारिश ने फसलों को नई ऊर्जा दी है और किसानों में बेहतर बारिश की उम्मीद फिर जाग उठी है।

किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित और अच्छी बारिश होती रही तो फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार
हालांकि मंगलवार की बारिश ने राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन कृषि और जलस्रोतों की दृष्टि से इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। शहरवासियों और किसानों की निगाहें अब अच्छी और लगातार बारिश पर टिकी हैं, ताकि बांध, तालाब और अन्य जलस्रोत भर सकें तथा खेती-किसानी को पूरा लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि इस वर्ष जुलाई माह में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। जबकि इस क्षेत्र में सामान्यतः जून से ही प्री-मानसून और मानसून सक्रिय हो जाते हैं। इस बार मानसून की धीमी रफ्तार के कारण लोगों और किसानों को अपेक्षा से अधिक लंबा इंतजार करना पड़ा।



