त्रयी वैयावृत्ति धारी आचार्य श्री विद्यासागर महाराज 

त्रयी वैयावृत्ति धारी आचार्य श्री विद्यासागर महाराज  _________________8जून, 2002, श्री सिद्धोदय सिद्धक्षेत्र नेमावर, देवास, म.प्र. का प्रसंग है। संघस्थ मुनिश्री108 कुंथुसागरजी महाराज को पैर में हरपीज रोग हो गया। जिसमें वेदना अकथ होती है। 8जून को सायं पाँच बजे जब वेदना असह्य हो गई, तब उनकी आँखों से झर-झर आँसू बहने लगे।और आँखों को बंद किए […]

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Veiled mother gently cradling a sleeping baby close to her chest in a tender, protective pose.

विश्व वंदनीय आचार्यश्री 108 विद्यासागरजी महाराज के बचपन की यादें शिशु सौन्दर्य!

 विश्व वंदनीय आचार्यश्री 108 विद्यासागरजी महाराज के बचपन की यादें शिशु सौन्दर्य! एक दिन घर पर लगाये गये नन्हे बगीचे में एक खाट पर लेटे हुए मात्र साल भर के ‘पीलू’ को देखा, जो दिगम्बर अवस्था में पडा अपना अंगुठा चूस रहा है। कमर में चान्दी की करधनी बँधी शोभा बिखेर रही है। नन्हे शिशु […]

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अगर मै तुम्हें स्वयं ही तीर्थ बना दूँ तो”आचार्य श्री विद्यासागर महाराज 

“अगर मै तुम्हें स्वयं ही तीर्थ बना दूँ तो”आचार्य श्री विद्यासागर महाराज  *यही शब्द थे पूज्यवर आचार्य भगवन के ज़ब ब्रह्मचारी जयकुमार उनसे शिखर जी तीर्थयात्रा का आशीर्वाद लेने पहुँचे      *आचार्य भगवन की दूर दृष्टि देखिए शायद उन्हें उसी समय यह आभास हो गया था आगे चलकर इन्ही से सेकड़ों तीर्थो का उद्धार […]

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_नि:कांक्षित अंगी*_

_नि:कांक्षित अंगी*_ आचार्य श्रीजी का जीवन इहलौकिक व पारलौकिक सभी प्रकार की आकांक्षाओं से रहित है। सर्व वैभव संपन्न राजनेता एवं श्रेष्ठी वर्ग उनके चरणों में अपना वैभव समर्पित करने तैयार खड़े रहते हैं । देवता तक उनके चरणों में सर झुकाए, प्रार्थना मुद्रा में, आदेश कीजिए भाव से खड़े रहते हैं। ऐसे आचार्य भगवन् […]

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_याचना तो दूर, संकेत तक नहीं देते

_याचना तो दूर, संकेत तक नहीं देते : आचार्य श्री विद्यासागर महाराज  ………………………………………………………….    कुण्डलपुर, (दमोह, मध्यप्रदेश) मई 2016 का प्रसंग है। एक दिन स्वाध्याय करते-करते आचार्यश्रीजी ने पेंसिल उठाई, उसे देखा और रख दिया। यह दृश्य सामने कुछ दूरी पर आचार्यश्रीजी से चर्चा करने के भाव से प्रतीक्षा कर रहीं दो ब्रह्मचारिणी बहनों ने […]

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स्मृति का झरोखा वर्ष 2020 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज प्रवचन उन्होंने कहा था ये अंग्रेजी नया साल है, हमारा नया साल तो चैत्र माह से शुरू होता है, हमें वो ही मनाना चाहिए आचार्य श्रीआचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज का , भक्तों को नए साल पर था संदेश-

स्मृति का झरोखा वर्ष 2020 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज प्रवचन उन्होंने कहा था ये अंग्रेजी नया साल है, हमारा नया साल तो चैत्र माह से शुरू होता है, हमें वो ही मनाना चाहिए आचार्य श्रीआचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज का , भक्तों को नए साल पर था संदेश- बाईग्राम    वर्ष 2020 1 जनवरी को आचार्य […]

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स्मृति के झरोखे से वर्ष 2018 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने खुरई प्रवास के दौरान कहा था कोई भी कार्य जन-जन के सहयोग व श्रमदान से सफल होता है, केवल धन से नहीं :आचार्य श्री विद्यासागर महाराज 

स्मृति के झरोखे से वर्ष 2018 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने खुरई प्रवास के दौरान कहा था कोई भी कार्य जन-जन के सहयोग व श्रमदान से सफल होता है, केवल धन से नहीं :आचार्य श्री विद्यासागर महाराज  खुरई    आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज ने वर्ष 2018 खुरई प्रवास के दौरान अपने प्रवचन में कहा […]

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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के खुरई प्रवास के दौरान प्रवचन आंखों में रोशनी ही नहीं तो अच्छे से अच्छा चश्मा लगाने से क्या होगा: आचार्य श्री 

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के खुरई प्रवास के दौरान प्रवचन आंखों में रोशनी ही नहीं तो अच्छे से अच्छा चश्मा लगाने से क्या होगा: आचार्य श्री  खुरई जब एक त्रियंच जीव माता सीताजी की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे सकता है तो हम क्यों प्राणी मात्र की रक्षा नहीं कर सकते। हे […]

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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शब्दों में भारत शब्द की व्याख्या भारत शब्द में ताकत है, इंडिया अर्थहीन नाम: आचार्यश्री

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शब्दों में भारत शब्द की व्याख्या भारत शब्द में ताकत है, इंडिया अर्थहीन नाम: आचार्यश्री  :   मुंगावली यह प्रवचन आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज ने मुंगावली प्रवास के दौरान दिए थे उस समय उन्होंने कहा था कि इंडिया शब्द का कोई मतलब नहीं है, यह अर्थहीन नाम है। भारतीय देश […]

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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज अलौकिक कृतित्व : जन्मदिवस पर नमन 

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज अलौकिक कृतित्व : जन्मदिवस पर नमन  ऐसे दिव्य आचार-विचार-मधुर व्यवहार से आचार्य शिरोमणि विद्यासागर महाराज की जीवन रूपी किताब का हर पन्ना स्वर्णिम भावों एवं शब्दों से भरा हुआ है, जिसे कभी भी कहीं भी कितना ही पढ़ो व्यक्ति थकता नहीं, उनको पढ़ने वाला यही कहते पाया जाता है कि आचार्य […]

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