अगर मै तुम्हें स्वयं ही तीर्थ बना दूँ तो”आचार्य श्री विद्यासागर महाराज
“अगर मै तुम्हें स्वयं ही तीर्थ बना दूँ तो”आचार्य श्री विद्यासागर महाराज *यही शब्द थे पूज्यवर आचार्य भगवन के ज़ब ब्रह्मचारी जयकुमार उनसे शिखर जी तीर्थयात्रा का आशीर्वाद लेने पहुँचे *आचार्य भगवन की दूर दृष्टि देखिए शायद उन्हें उसी समय यह आभास हो गया था आगे चलकर इन्ही से सेकड़ों तीर्थो का उद्धार […]
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