त्याग धर्म ने जगाई भीतर के विकारों को छोड़ने की प्रेरणा

त्याग धर्म ने जगाई भीतर के विकारों को छोड़ने की प्रेरणा   नेमी नगर जैन कॉलोनी,इंदौर। आचार्य श्री सुनीलसागरजी के सानिध्य में दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर बुधवार को उत्तम त्याग धर्म की आराधना श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ की गई। प्रातःकालीन बेला में धार्मिक वातावरण के बीच अध्यात्म योग का आयोजन […]

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पर्वराज पर्युषण का आठवां चरण : उत्तम त्याग“प्रकृति ने दो मार्ग दिए हैं—एक देकर जाओ या दूसरा छोड़कर जाओ” : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी

पर्वराज पर्युषण का आठवां चरण : उत्तम त्याग“प्रकृति ने दो मार्ग दिए हैं—एक देकर जाओ या दूसरा छोड़कर जाओ” : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी सोनकच्छ/ पर्वों के पर्वराज पर्युषण महापर्व के आठवें चरण में पुष्पगिरी तीर्थ पर उत्तम त्याग धर्म की आराधना श्रद्धा और उत्साह के साथ की गई। पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री […]

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सबसे उत्तम दान है आहार दान : आर्यिका श्री सुप्रज्ञमति माताजी

सबसे उत्तम दान है आहार दान : आर्यिका श्री सुप्रज्ञमति माताजी   “उपवास करना आसान, लेकिन राग-द्वेष और कषायों का त्याग करना कठिन”   बड़वानी। बड़वानी में विराजित परम पूज्य गुरुदेव चतुर्थ पट्टाचार्य 108 आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज की शिष्या 105 आर्यिका श्री सुप्रज्ञमति माताजी ने त्याग के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए […]

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विभाव और परभाव से विरक्ति ही आत्मस्वभाव की ओर ले जाती है : मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज

उत्तम त्याग धर्म : राग-द्वेष और परिग्रह का त्याग ही सच्ची आत्मसाधना विभाव और परभाव से विरक्ति ही आत्मस्वभाव की ओर ले जाती है : मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज दान पाप के ब्याज को चुकाता है, जबकि त्याग पाप के मूल को समाप्त करने की दिशा दिखाता है अनेक शिविरार्थियों ने दस व […]

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आहार दान देने से जीव श्री आदिनाथ ओर श्री शांति नाथ भगवान बने चार दान में आहार दान श्रेष्ठ है शरीर से राग द्वेष मोह ममत्व का त्याग करना चाहिए । आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

आहार दान देने से जीव श्री आदिनाथ ओर श्री शांति नाथ भगवान बने चार दान में आहार दान श्रेष्ठ है शरीर से राग द्वेष मोह ममत्व का त्याग करना चाहिए । आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सीकर 10 दिन से धर्म की पाठशाला में 10 धर्म की बात आप सुन रहे हैं त्याग को जीवन […]

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पाँच हजार सिर… गुरु के दो हाथ और इतिहास में दर्ज हो गया एक दृश्य

पाँच हजार सिर… गुरु के दो हाथ और इतिहास में दर्ज हो गया एक दृश्य इंदौर पाँच हजार शिविरार्थी… पाँच हजार सिर… पाँच हजार धड़कते हुए हृदय… और सामने एक संत! सोचिए, यह दृश्य सामान्य नहीं हो सकता। यह कोई साधारण आयोजन नहीं, यह ऐसा दृश्य है जिसे देखकर आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी—क्या सचमुच एक […]

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धर्म-संस्कारों की डोर थामे 50 दंपतियों ने लिए सात संकल्प

धर्म-संस्कारों की डोर थामे 50 दंपतियों ने लिए सात संकल्प   जिनशासन क्षेत्र में 45 वर्ष तक की आयु के दंपतियों का अनूठा आयोजन, समाज की साक्षी में आठ मूल गुणों की पालना का लिया संकल्प   अजमेर। दांपत्य जीवन में धर्म, संस्कार और संयम को साथ लेकर चलने का संदेश देते हुए जिनशासन क्षेत्र […]

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नीचे बैठने वाला ही ऊपर उठता है, विनम्रता से होता है उच्च गोत्र का बंध — मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज

  नीचे बैठने वाला ही ऊपर उठता है, विनम्रता से होता है उच्च गोत्र का बंध — मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज इंदौर। संसार में हर व्यक्ति कुछ अलग और बेहतर करने की चाह रखता है, लेकिन वास्तविक ऊंचाई पाने के लिए विनम्रता और समर्पण आवश्यक है। कमल कीचड़ में खिलकर भी अपनी सुंदरता और सुगंध […]

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महावीर इंटरनेशनल शाखा नौगामा ने सुगंध दशमी पर कैनोपी वितरण कर फुटपाथ विक्रेताओं को दी राहत 🙏

🙏 महावीर इंटरनेशनल शाखा नौगामा ने सुगंध दशमी पर कैनोपी वितरण कर फुटपाथ विक्रेताओं को दी राहत 🙏 सुरेश चंद्र गांधी, नौगामा जिला बांसवाड़ा राजस्थान की रिपोर्ट 22 सितंबर 2026, नौगामा “सबकी सेवा, सबको प्यार” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए महावीर इंटरनेशनल शाखा नौगामा, जिला बांसवाड़ा (राजस्थान) द्वारा सुगंध दशमी के शुभ अवसर […]

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उत्तम तप धर्म : वैराग्य, आत्मबल और संयम से होती है कर्मों की निर्जरा तप शरीर को कष्ट देने का नहीं, इच्छाओं के निरोध और आत्मशुद्धि का मार्ग : मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज

उत्तम तप धर्म : वैराग्य, आत्मबल और संयम से होती है कर्मों की निर्जरा तप शरीर को कष्ट देने का नहीं, इच्छाओं के निरोध और आत्मशुद्धि का मार्ग : मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज बारह प्रकार के तप से आत्मा की विशुद्धि की ओर बढ़ता है साधक : मुनि श्री 108 प्रणवसागर जी महाराज […]

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