निर्भयता परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनिश्री 108 क्षमासागर महाराज ने अपने गुरु आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज से जुड़े संस्मरण को अमूर्त शिल्पी पुस्तक में साँझा किया

  परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनिश्री 108 क्षमासागर महाराज ने अपने गुरु आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज से जुड़े संस्मरण को अमूर्त शिल्पी पुस्तक में साँझा किया निर्भयता बुंदेलखंड में आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज का यह पहला चातुर्मास था। कुंडलपुर में एक दिन रात्रि के अंधेरे में […]

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समताभाव की शक्ति: जब संसार की भीड़ में भी मन अडिग रहे

समताभाव की शक्ति: जब संसार की भीड़ में भी मन अडिग रहे   आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का अद्भुत प्रसंग, मुनिश्री क्षमासागर महाराज की लेखनी से   परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के दीक्षित शिष्य परम पूज्य मुनिश्री 108 क्षमासागर महाराज ने अपनी पुस्तक ‘समताभाव अमूर्त शिल्पी’ में आचार्य श्री के […]

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गुरु के चश्मे से संसार को देखने वाले शिष्य : मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज

गुरु के चश्मे से संसार को देखने वाले शिष्य : मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज   मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज के प्रवचनों में, उनकी लेखनी में और उनके साथ हुई चर्चाओं में एक बात सहज ही अनुभव होती थी—मानो उन्होंने अपने गुरु, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चश्मा पहन रखा हो। वे उसी दृष्टि से […]

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मैत्री विचार मुनि श्री क्षमासागर जी संबंधों का विज्ञान

मैत्री विचार मुनि श्री क्षमासागर जी संबंधों का विज्ञान क्या मैं इस जीवन के बाद समाप्त हो जाऊंगा ? हमें ये विश्वास होना चाहिए कि मैं अगला जीवन पाऊंगा। अगर ये जीवन आगे तक जाता है तो हमारी जिम्मेदारी है कि इसे तो संभालूं ही जिससे आगे वाला भी संभला रहे।     परम पूज्य […]

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साधना के सुमेरु थे मुनि श्री क्षमासागर महाराज 10 वे समाधि दिवस पर विनयांजली

साधना के सुमेरु थे मुनि श्री क्षमासागर महाराज 10 वे समाधि दिवस पर विनयांजली परम पूज्य आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज से दीक्षित पूज्य मुनि श्री 108 क्षमा सागर जी महाराज सचमुच साधना के सुमेर के साथ-साथ क्षमा की मूर्ति थे।   आज हम उनका दसवां समाधि दिवस मना रहे हैं। पूज्य महाराज श्री ने अपने […]

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जैसा क्षमा सागर जी का नाम था वैसे ही उनके गुण थे आगम सागर महाराज

जैसा क्षमा सागर जी का नाम था वैसे ही उनके गुण थे आगम सागर महाराज सागर परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य समाधिस्थ मुनि श्री 108 क्षमा सागर महाराज की समाधि दिवस के अवसर पर बोलते हुए पूज्य मुनिश्री पुनीत सागर महाराज ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के संघ में […]

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मुनिश्री क्षमासागरजी को विनयांजली* विधा : कविता

*मुनिश्री क्षमासागरजी को विनयांजली* विधा : कविता सुन सुनता हूँ मैं मुनिश्री क्षमासागर जी की कहानी। जिसमें न कोई राजा और न थी कोई रानी। जन्म लिया आशादेवी और जीवन कुमार सिंघाई के घर में। सन् था वो 1957 का नाम रखा गया बालक का वीरेंद्र कुमार।     बचपन से पढ़ने लिखने और जैनधर्म […]

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दीपावली का पर्व आत्म कल्याण के साथ साथ लोक कल्याण का भी पर्व है।परमपूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी

दीपावली का पर्व आत्म कल्याण के साथ साथ लोक कल्याण का भी पर्व है।परमपूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी दीपावली का पर्व आत्म कल्याण के साथ साथ लोक कल्याण का भी पर्व है। दीपावली अंतरंग एवं बाह्य रोशनी एवं स्वच्छ्ता का पर्व है। पर्व की सार्थकता तब है जब हम आडंबर से बच कर ये पर्व ऐसे […]

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यदि हम सजग-सरल-संवेदनशील हैं तो कोई वजह नहीं है हमारा जीवन अच्छा न बने।”परमपूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी

“यदि हम सजग-सरल-संवेदनशील हैं तो कोई वजह नहीं है हमारा जीवन अच्छा न बने।”परमपूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन के एक लोक प्रचलित उदाहरण के माध्यम से उनकी ‘संवेदनशीलता’ को गहराई को समझाया हैं।       संवेदनशीलता से आशय सीमित अर्थों में केवल हमारे राग-द्वेष या […]

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हमारे अच्छे कर्म करने से दूसरे को भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है क्षमासागर जी महाराज

हमारे अच्छे कर्म करने से दूसरे को भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है क्षमासागर जी महाराज मैत्री विचार-प्रवचन *परमपूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी *मुनिश्री क्षमासागर जी* एक पान वाले के उदाहरण के माध्यम से बताते हैं कि हमारे अच्छे कर्म करने से दूसरे को भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है,     अगर हम […]

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