संपत्ति उत्तराधिकारी को मिलती है, संस्कार पीढ़ियों तक चलते हैं : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज

संपत्ति उत्तराधिकारी को मिलती है, संस्कार पीढ़ियों तक चलते हैं : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज   धर्म की असली परीक्षा मंदिर में नहीं, घर और व्यवहार में होती है—वाणी में सत्य, हित और मर्यादा जरूरी   मधुबन। धर्म केवल मंदिर में की जाने वाली पूजा-पाठ की क्रिया नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार, वाणी और […]

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कुटिलता छोड़ सरलता अपनाना ही उत्तम आर्जव धर्म : आचार्य श्री सुनीलसागर जी

कुटिलता छोड़ सरलता अपनाना ही उत्तम आर्जव धर्म : आचार्य श्री सुनीलसागर जी   गुरुदेव के पावन सान्निध्य में भक्तिभाव से मनाया गया दशधर्म महापर्व का तृतीय दिवस, साधना और स्वाध्याय से गूंजा इंदौर   इंदौर। दशधर्म महापर्व के तृतीय दिवस उत्तम आर्जव धर्म की आराधना आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव के पावन सान्निध्य […]

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मन,वचन, काय की कुटिलता का परित्याग कर चित् में सरल निष्कपट भाव धारण करना ही उत्तम आर्जव धर्म है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

मन,वचन, काय की कुटिलता का परित्याग कर चित् में सरल निष्कपट भाव धारण करना ही उत्तम आर्जव धर्म है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आचार्य श्री का 77 वा अवतरण वर्ष भक्ति पूर्वक मनाया। परंपरा बुक का विमोचन आचार्य श्री ने किया।चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन। सीकर दशलक्षण पर्व के तृतीय उत्तमआर्जव दिवस पर आचार्य श्री […]

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माया, छल-कपट और कुटिलता छोड़ सरल एवं निष्कपट जीवन अपनाने का संदेश — अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी

पर्वराज पर्युषण का तीसरा चरण : उत्तम आर्जव   माया, छल-कपट और कुटिलता छोड़ सरल एवं निष्कपट जीवन अपनाने का संदेश — अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी   पुष्पगिरी तीर्थ। पर्वों के पर्वराज पर्युषण महापर्व के तीसरे चरण ‘उत्तम आर्जव धर्म’ के अवसर पर पुष्पगिरी तीर्थ में धर्म, साधना और आत्मचिंतन का वातावरण बना हुआ है। […]

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जिस चीज से पकड़ बनती है, वहीं से अकड़ शुरू होती है : स्वस्तिभूषण माताजी

जिस चीज से पकड़ बनती है, वहीं से अकड़ शुरू होती है : स्वस्तिभूषण माताजी   धन, पद और प्रतिष्ठा को अपना मानने की पकड़ ही बनती है अहंकार का कारण — विनम्रता में ही छिपी है सच्ची महानता   केशवरायपाटन। दशलक्षण महापर्व के आध्यात्मिक वातावरण में अतिशय क्षेत्र में चल रहे अध्यात्म साधना शिविर […]

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विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत रक्तदान शिविर, डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन के सदस्यों ने किया रक्तदान*

*विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत रक्तदान शिविर, डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन के सदस्यों ने किया रक्तदान* रामगंजमंडी।   विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत जिला चिकित्सालय में एमबीबीएस ब्लड बैंक की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। कोटा के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त की कमी को देखते हुए आयोजित शिविर […]

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बाभुलगांव में दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का मंगलमय शुभारंभ

बाभुलगांव में दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का मंगलमय शुभारंभ श्री वासुपूज्य भगवान का पंचामृत अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने की धर्माराधना बाभुलगांव/वैजापुर प्रतिनिधि। श्री 1008 वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर, बाभुलगांव, तहसील वैजापुर में जैन धर्म के पावन दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का शुभारंभ धार्मिक उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया। पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन […]

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ऋजुता अर्थात सरलता धारण करना ही आर्जव धर्म है* संजय जैन बड़जात्या कामवन

*ऋजुता अर्थात सरलता धारण करना ही आर्जव धर्म है* संजय जैन बड़जात्या कामवन दस लक्षण पर्व के क्रम को दृष्टिगत करे तो चार कषायों अर्थात क्रोध,मान,माया और लोभ का शमन प्रारम्भिक चार धर्म क्रमश क्षमा,मार्दव,आर्जव और शौच  के माध्यम से होता है। जब हम क्रोध का त्याग कर क्षमा को धारण कर लेते हैं तो […]

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उत्तम मार्दव धर्म: झुकने में ही महानता सुधासागर महाराज

उत्तम मार्दव धर्म: झुकने में ही महानता सुधासागर महाराज “अग्नि परीक्षा से गुजरकर ही माटी मंगल कलश बनती है, उसी तरह अहंकार की अग्नि से निकलकर मार्दव प्रकट होता है” — मुनिपुंगव सुधासागर महाराज इंदौर। पर्युषण महापर्व के अंतर्गत उत्तम मार्दव धर्म की आराधना के अवसर पर इंदौर का दलालबाग मैदान आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर […]

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कोमलता ,निर्मलता ,विनय उत्तम मार्दव धर्म है।नम्रता,सरलता अमृत हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

कोमलता ,निर्मलता ,विनय उत्तम मार्दव धर्म है।नम्रता,सरलता अमृत हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सीकर धर्म सभा में प्रवचन में आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज ने बताया कि मार्दव धर्म कोमलता का सूचक है नर्म मिट्टी को कुंभकार मनचाहा रूप देता हैं आप भी जीवन में सरलता कोमलता से जीवन को मनचाहा आकार दे सकते […]

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