बाभुलगांव में दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का मंगलमय शुभारंभ
श्री वासुपूज्य भगवान का पंचामृत अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने की धर्माराधना
बाभुलगांव/वैजापुर प्रतिनिधि।
श्री 1008 वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर, बाभुलगांव, तहसील वैजापुर में जैन धर्म के पावन दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का शुभारंभ धार्मिक उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया। पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भगवान जिनेंद्र की आराधना करते हुए धर्मलाभ लिया।
महापर्व के शुभारंभ अवसर पर मंदिर के मूलनायक श्री 1008 वासुपूज्य भगवान का विधि-विधानपूर्वक पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आत्मशुद्धि, संयम एवं धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
पर्युषण महापर्व जैन समाज के लिए आत्मचिंतन, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व माना जाता है। इन दस दिनों में श्रद्धालु अपनी दिनचर्या को धर्ममय बनाते हुए पूजा-अर्चना, अभिषेक, स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, तप, संयम एवं त्याग जैसी धार्मिक क्रियाओं के माध्यम से आत्मकल्याण का प्रयास करते हैं। पर्युषण का संदेश बाहरी आडंबर से अधिक मन, वचन और कर्म की शुद्धि पर केंद्रित है।
इस अवसर पर दीपचंद अजमेरा, शांतिलाल झांजरी, दिलीप अजमेरा, पवन झांजरी, प्रकाश अजमेरा जितेंद्र अजमेरा, पारस झांझरी, सतीश अजमेरा, रितिक अजमेरा, भरत अजमेरा सहित समाज के अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दस दिवसीय पर्युषण महापर्व के दौरान मंदिर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु उत्साहपूर्वक धर्माराधना में सहभागी होकर भगवान की भक्ति, तप और स्वाध्याय के माध्यम से पर्युषण पर्व को सार्थक बनाने में जुटे हैं। मंदिर परिसर में पूरे दस दिनों तक धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा। ऐसी जानकारी प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद ने दी है
