रुको, झुको, घुलो, मिलो—क्षमावाणी का यही संदेश
रुको, झुको, घुलो, मिलो—क्षमावाणी का यही संदेश सम्मेद शिखरजी में एक मंच पर जुटे विभिन्न परंपराओं के साधु-साध्वी, मुनि प्रमाण सागर बोले—क्षमा को संदेश नहीं, जीवन का व्यवहार बनाएं मधुबन/सम्मेद शिखरजी। तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी की पावन धरा पर रविवार को क्षमावाणी पर्व का ऐसा अनूठा और भावपूर्ण आयोजन हुआ, जिसने साधु-संतों के बीच […]
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