कर्म के अधीन है संसार, सम्यग्दर्शन से खुलता है मोक्ष का मार्ग : मुनि श्री योगसागर जी
कर्म के अधीन है संसार, सम्यग्दर्शन से खुलता है मोक्ष का मार्ग : मुनि श्री योगसागर जी सुख-दुःख के लिए दूसरों को दोष नहीं, अपने कर्मों और परिणामों को देखें — संसार में रहते हुए भी राग-द्वेष से ऊपर उठना ही सच्चा पुरुषार्थ कोटा, 05 सितम्बर। श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में चातुर्मासरत […]
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