वो मेरे पिता की उम्र के हैं…’, पीएम मोदी पर सवाल सुन भावुक हुईं स्मृति ईरानी, बोलीं—‘उनकी मां का निधन हुआ और वे वंदे भारत को झंडा दिखाने चले गए’

राजनीति

‘वो मेरे पिता की उम्र के हैं…’, पीएम मोदी पर सवाल सुन भावुक हुईं स्मृति ईरानी, बोलीं—‘उनकी मां का निधन हुआ और वे वंदे भारत को झंडा दिखाने चले गए’

 

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूछे गए एक सवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी भावुक हो गईं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ बन रही धारणा, जेन-जी की सोच और प्रधानमंत्री पर होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर अपनी बात रखी।

 

स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि एक भावनात्मक दृष्टिकोण से भी समझाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उनके पिता की उम्र के हैं और उनके खिलाफ होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों को वह महज राजनीतिक बहस का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं कर सकतीं।

 

पीएम मोदी के बचाव पर पूछा गया सवाल

 

टाइम्स नाउ की नविका कुमार के साथ बातचीत के दौरान स्मृति ईरानी से सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर लगातार हो रही आलोचनाओं पर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि जब युवा पीढ़ी और खासकर जेन-जी के बीच सरकार को लेकर नाराजगी की चर्चा होती है, तो क्या एक नेता के तौर पर उनकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और सरकार का बचाव करना है?

 

इस सवाल का जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने राजनीतिक तर्क देने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े एक भावनात्मक प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने पीएम मोदी की मां के निधन के बाद भी उनके सार्वजनिक दायित्व निभाने की घटना को याद किया।

 

‘वो आदमी मेरे पिता की उम्र का है…’

 

स्मृति ईरानी ने भावुक होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके पिता की उम्र के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां को खोने जैसे गहरे निजी दुख से गुजर रहा हो और इसके बावजूद सार्वजनिक जिम्मेदारियां निभा रहा हो, तो उसकी परिस्थितियों को भी समझने की जरूरत है।

 

उन्होंने पीएम मोदी की मां के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां का निधन हुआ और वह वंदे भारत को झंडा दिखाने चले गए। स्मृति के मुताबिक, उनके लिए यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की स्थिति थी जो निजी दुख के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था।

 

व्यक्तिगत हमलों को लेकर भी जताई नाराजगी

 

स्मृति ईरानी ने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ होने वाली राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणियों को वह अलग-अलग नजरिए से देखती हैं। उनके मुताबिक राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जब बात व्यक्तिगत स्तर तक पहुंचती है तो वह इसे सामान्य राजनीतिक बहस मानकर चुप नहीं रह सकतीं।

 

इंटरव्यू के दौरान स्मृति ईरानी की भावुकता भी साफ नजर आई। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति अपने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को खुलकर सामने रखा।

 

अमेठी की हार के बाद फिर मनोरंजन की दुनिया में वापसी

 

स्मृति ईरानी इन दिनों राजनीति के साथ-साथ मनोरंजन की दुनिया में भी चर्चा में हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक सफर के उस कठिन दौर को लेकर भी बात की थी।

 

चुनावी हार के बाद उन्होंने स्वीकार किया था कि परिणाम उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी कठिन थे और उन्हें उस दौर से उबरने के लिए खुद को समय देने की जरूरत पड़ी।

 

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से टीवी पर वापसी

 

राजनीति में आने से पहले स्मृति ईरानी टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बना चुकी थीं। चर्चित धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में तुलसी के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई थी।

 

अब इस धारावाहिक के दूसरे सीजन के साथ उन्होंने लंबे अंतराल के बाद टेलीविजन पर वापसी की है। ऐसे में एक ओर उनकी मनोरंजन जगत में वापसी चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया उनका भावुक बयान भी सुर्खियां बटोर रहा है।

 

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