ब्रह्मचर्याणुव्रत आत्मा में लीन होने की साधना है : मुनि श्री योगसागर जी महाराज
ब्रह्मचर्याणुव्रत आत्मा में लीन होने की साधना है : मुनि श्री योगसागर जी महाराज कोटा, 02 अक्टूबर 2026। शुक्रवार, आश्विन कृष्ण षष्ठी-सप्तमी, महात्मा गांधी जयंती एवं मुक्तावली व्रत के पावन अवसर पर श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में ज्येष्ठ-श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ने रत्नकरण्डक श्रावकाचार प्रवचन श्रृंखला के […]
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