क्षमावाणी महापर्व में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबक्षमा से उत्तम कोई मार्ग नहीं’—आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज

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क्षमावाणी महापर्व में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबक्षमा से उत्तम कोई मार्ग नहीं’—आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज

छत्रपति संभाजीनगर।

श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत पार्श्वनाथ मंदिर एवं श्री विनम्र चातुर्मास संयोजन समिति-2026 की ओर से सकल दिगंबर जैन समाज के सहभाग से क्षमावाणी महापर्व तथा परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनम्रसागरजी महामुनिराज के 64वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तिभाव के साथ आयोजित किए गए। समारोह में शहर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

 

 

कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा से हुआ। बैंड पथक की मंगलधुन, आकर्षक सजावट, सुंदर छतरियों, अश्व एवं धर्मध्वजा के साथ निकली शोभायात्रा में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संपूर्ण वातावरण गुरुभक्ति एवं धर्ममय हो गया। शोभायात्रा में अश्व पर सवार होकर धर्मध्वजा फहराने का सौभाग्य एडवोकेट अनिलजी हीराचंदजी कासलीवाल को प्राप्त हुआ।

 

 

‘क्षमा से मन का तनाव दूर होता है’

इस अवसर पर आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ने कहा कि जीवन में हम अनेक लोगों को दुख पहुंचाते हैं और अनेक लोगों से स्वयं भी दुखी होते हैं। इन सभी परिस्थितियों का समाधान केवल क्षमा है। किसी को दुख पहुंचाने या स्वयं दुखी होने का बोझ हम सूक्ष्म रूप में अपने भीतर लेकर चलते हैं, जिसके कारण मन तनाव में रहता है।

उन्होंने कहा कि हम कुछ लोगों को जानबूझकर तो कुछ लोगों को अनजाने में दुख पहुंचाते हैं। हमें उन सभी से क्षमा मांगनी चाहिए। साथ ही दूसरों ने हमारे साथ जैसा भी व्यवहार किया हो, उसके लिए हमें उन्हें भी क्षमा करना चाहिए। इससे मन का तनाव दूर होगा और जीवन सहज बनेगा।

आचार्य श्री ने कहा कि गुरुग्रंथ साहिब, कुरान और गीता सहित सभी धर्मों में क्षमा के महत्व को बताया गया है। ‘क्षमासे उत्तम कोई मार्ग नहीं है।’

आयोजन स्थल पर की गई भव्य सजावट, शिस्तबद्ध व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ने सराहना की। उन्होंने पंचायत एवं सकल समाज की सेवा भावना, समर्पण तथा गुरुभक्ति की विशेष प्रशंसा की।

अवतरण दिवस पर विभिन्न परिवारों को पुण्यलाभ

आचार्य श्री के 64वें अवतरण दिवस के अवसर पर श्री धर्मेंद्रजी, सौ. संध्याजी जैन, सागर-इंदौर के सीमकेम फार्मा परिवार को पादप्रक्षालन का पुण्यलाभ प्राप्त हुआ। वहीं सौ. मनोरमादेवी, डॉ. मदनलालजी, श्री मनोजकुमारजी एवं समस्त लोहाड़े परिवार, उल्कानगरी की ओर से शास्त्र भेंट की गई।

दीक्षा दिवस के अवसर पर दो मुनिराज एवं साध्वी भगवंतों के प्रति श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए सौ. सुनीताजी, स्व. सुरेशचंदजी एवं हीराचंदजी कासलीवाल परिवार, श्रीरामपुरवाला को शास्त्र भेंट का पुण्यलाभ प्राप्त हुआ।

परम पूज्य आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ने अपनी पिंछी सौ. सुनंदादेवीजी, श्री राहुलकुमारजी एवं श्री रितेशकुमारजी पाटणी परिवार को आशीर्वाद स्वरूप प्रदान की। यह भावपूर्ण क्षण पाटणी परिवार के लिए अविस्मरणीय बन गया।

पीएच.डी. एवं स्वर्णपदक प्राप्त करने पर डॉ. प्राची दीदी का सम्मान

इस अवसर पर बाल ब्रह्मचारिणी दीदी डॉ. प्राची दीदी का विशेष सम्मान किया गया। हाल ही में पीएच.डी. की उपाधि एवं स्वर्णपदक प्राप्त कर समाज एवं गुरु परिवार का गौरव बढ़ाने के लिए उनका अभिनंदन किया गया।

‘मिच्छामि दुक्कडम्’ से गूंजा वातावरण

क्षमावाणी महापर्व के अवसर पर पंचायत एवं आयोजन समिति की ओर से आचार्य श्री, संपूर्ण मुनिराज संघ, श्रावक-श्राविकाओं एवं समाजबंधुओं से मन, वचन और काय से हुई किसी भी त्रुटि के लिए मनःपूर्वक क्षमायाचना की गई।

आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज, संपूर्ण संघ तथा आचार्य श्री सुयशगुप्तिजी गुरुदेव ने भी समाज के प्रति क्षमावाणी के मंगलभाव व्यक्त किए। इस दौरान ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ की भावना से संपूर्ण वातावरण भावविभोर हो गया।

विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में छत्रपति संभाजीनगर जिले के सांसद संदीपानजी भुमरे, पूर्व सांसद चंद्रकांतजी खैरे, नगरसेवक सचिनजी खैरे, सकल मारवाड़ी महासभा के अध्यक्ष डॉ. पी. एम. दरक सहित विभिन्न जिनालयों के अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारी, ट्रस्टी एवं महिला मंडलों की पदाधिकारी उपस्थित रहीं।

देशमुख नगर महिला मंडल की ओर से मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। अरिहंत नगर महिला मंडल ने आचार्य श्री के जीवनचरित्र पर आधारित नाटिका एवं नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कलाश्री अकादमी के कलाकारों ने णमोकार महामंत्र पर आधारित मनोहारी प्रस्तुति दी। विभिन्न महिला मंडलों की ओर से आचार्य श्री का पूजन एवं गुरुपूजन किया गया।

आयोजन की सफलता के लिए सभी का आभार

आयोजन की सफलता के लिए श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत के ट्रस्टी मंडल, श्री विनम्र चातुर्मास आयोजन समिति-2026 के कार्यकर्ताओं, श्री चंद्रसागर धर्मशाला के ट्रस्टियों, अर्पण ग्रुप, नमोकार भक्ति मंडल, श्री सुधीरजी जैन, सौ. कीर्ति पाटणी सहित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

समस्त श्रद्धालुओं के लिए श्री दिलीपकुमारजी एवं श्री शुभमकुमारजी छाबड़ा परिवार की ओर से महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।

श्री आचार्य गुप्तिनंदीजी सभागृह, श्री हीराचंद कस्तूरचंद कासलीवाल (हीराकाका) प्रांगण, नूतन भूमि परिसर, नवाबपुरा में आयोजित इस भव्य समारोह ने श्रद्धा, भक्ति, गुरु-वंदना, सेवा एवं सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया।

यह जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियुष कासलीवाल, औरंगाबाद ने दी।

 

 

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