गांधी जयंती पर रामगंजमंडी में बापू को किया नमन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

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### गांधी जयंती पर रामगंजमंडी में बापू को किया नमन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

### स्टेशन चौराहे पर नन्हे बच्चों ने गांधीजी के वेश में दिया अहिंसा का संदेश, प्रतिमा स्थापना के लिए स्व. नेमीचंद सुरलाया के योगदान को किया याद

रामगंजमंडी।

सत्य, अहिंसा और शांति के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती रामगंजमंडी में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्टेशन चौराहे स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में गांधीजी के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए सत्य, अहिंसा और सादगी के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान शेफील्ड विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे महात्मा गांधी के वेश में नजर आए। बच्चों ने गांधीजी के प्रसिद्ध संदेश “बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो” के माध्यम से उपस्थित लोगों को नैतिकता, सदाचार और अहिंसा का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुति ने गांधीजी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर प्रयास किया।

इस अवसर पर नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र काला, उपाध्यक्ष महेंद्र सामरिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अखिलेश मेडतवाल, पार्षद विमल मीणा, जोनी शर्मा, हन्नी कथूरिया सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

### रामगंजमंडी से जुड़ी हैं महात्मा गांधी की ऐतिहासिक स्मृतियां

रामगंजमंडी का इतिहास भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। स्थानीय इतिहास के अनुसार, महात्मा गांधी वर्षों पूर्व रामगंजमंडी आए थे और यहां एक चौराहे पर उन्होंने अपना उद्बोधन दिया था। इसी ऐतिहासिक स्मृति को संजोने के उद्देश्य से इस स्थल को महात्मा गांधी चौक के नाम से जाना जाने लगा।

आज स्टेशन चौराहे पर स्थापित गांधीजी की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि शहर के उस ऐतिहासिक जुड़ाव और बापू के विचारों की याद दिलाने वाला प्रतीक भी है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सत्य, अहिंसा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

### स्व. नेमीचंद सुरलाया के प्रयासों से साकार हुई प्रतिमा स्थापना की पहल

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर उस व्यक्तित्व को याद करना भी जरूरी है, जिन्होंने रामगंजमंडी में बापू की प्रतिमा स्थापित करवाने के लिए अथक प्रयास किए। स्टेशन चौराहे पर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करवाने की पहल में वयोवृद्ध समाजसेवी स्वर्गीय नेमीचंद सुरलाया का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर उन्होंने लगातार प्रयास किए और इस विषय को प्रमुखता से उठाया। जब उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही थी, तब उन्होंने आमरण अनशन तक की चेतावनी देकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी। हालांकि, उनके जीवनकाल में उनका यह सपना साकार नहीं हो सका, लेकिन प्रतिमा स्थापना के लिए उनके समर्पण और प्रयासों को आज भी याद किया जाता है।

आज जब शहरवासी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करते हैं, तब इसके पीछे स्व. सुरलाया की उस भावना और प्रयासों की स्मृति भी जुड़ी रहती है। उनका योगदान इस बात का उदाहरण है कि समाज के प्रति समर्पित व्यक्ति अपने प्रयासों से ऐसी विरासत छोड़ जाते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है।

गांधी जयंती पर रामगंजमंडी ने बापू के आदर्शों को नमन करने के साथ ही अपनी ऐतिहासिक स्मृतियों और समाजसेवियों के योगदान को भी याद किया। महात्मा गांधी की प्रतिमा शहर में उनके आगमन की स्मृति को जीवंत बनाए हुए है, वहीं स्व. नेमीचंद सुरलाया के प्रयासों को भी नगर लंबे समय तक याद रखेगा।

 

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