अपने लक्ष्य में समर्पित हो जाइए, दूसरों के दोष अपने आप दिखने बंद हो जाएंगे”: राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज
अपने लक्ष्य में समर्पित हो जाइए, दूसरों के दोष अपने आप दिखने बंद हो जाएंगे”: राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज सम्यग्दर्शन के ‘उपगूहन अंग’ की गूढ़ व्याख्या; आत्मशोधन, आत्मस्वीकार और आत्मचिंतन को बताया सुख-शांति का सच्चा मार्ग मधुबन (गिरिडीह)। “जीवन का वास्तविक सौंदर्य केवल जीने में नहीं, बल्कि सही ढंग से जीने में है। […]
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