हर किसी से समझे जाने की अपेक्षा छोड़ देना ही परिपक्वता की पहचान : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
हर किसी से समझे जाने की अपेक्षा छोड़ देना ही परिपक्वता की पहचान : अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ‘जहां पहले प्रतिक्रिया होती थी, वहां अब मौन होता है; यही मौन मनुष्य को भीतर से मजबूत बनाता है’ मौन साधना एवं एकांतवास के दौरान आचार्यश्री का प्रेरक संदेश औरंगाबाद। मनुष्य के जीवन में एक […]
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