अनिश्चय की स्थिति में आने वाले विचार अंतर्रात्मा की आवाज नहीं है। मुनि श्रमण सागर जी
अनिश्चय की स्थिति में आने वाले विचार अंतर्रात्मा की आवाज नहीं है। मुनि श्रमण सागर जी राघौगढ़ 13 अक्टूबर। इस सदी के महान दिगंबर संत आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, औजस्वी वक्ता, महा तपस्वी, बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने विद्यासागर सभागार राघौगढ़ में मंगलवार को “अंतर्रात्मा […]
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