सेवा भारती का भव्य कन्या पूजन समारोह सम्पन्न, 221 कन्याओं के चरण प्रक्षालन कर किया पूजन
*कन्या पूजन में साकार हुई भारतीय संस्कृति की दिव्य परंपरा, नारी शक्ति के सम्मान और संस्कारों के संरक्षण का दिया संदेश*
*नशामुक्ति, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर*
**रामगंजमंडी।*
भारतीय संस्कृति में कन्याओं को शक्ति, श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। इसी सनातन परंपरा को साकार करते हुए सेवा भारती रामगंजमंडी की ओर से अग्रसेन अतिथि गृह में भव्य कन्या पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 221 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनके चरण प्रक्षालन किए गए तथा तिलक लगाकर उपहार भेंट किए गए। श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों से ओतप्रोत इस आयोजन ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
सेवा भारती के तहसील अध्यक्ष विजय कुमार शाह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नारी शक्ति के सम्मान की भावना को समाज में मजबूत करना है।
नशामुक्ति और संस्कारयुक्त परिवारों पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आशीष विश्वकर्मा रहे। अध्यक्षता जगदीश शक्तावत ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर के प्रथम नागरिक नरेंद्र काला उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पंकज काला ने संस्कृति, सनातन परंपराओं, परिवार प्रबोधन, शिक्षा, संस्कार, स्वावलंबन, सामाजिक समरसता, व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। नशे की प्रवृत्ति जीवन को बर्बादी की ओर ले जाती है और परिवारों की सुख-शांति को प्रभावित करती है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। विशेष रूप से नारी शक्ति को अपने परिवार और आसपास के क्षेत्र में नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने तथा दृढ़ता से इसका विरोध करने की आवश्यकता है।

परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का किया आह्वान
पंकज काला ने परिवारों में बढ़ती दूरियों और टूटते पारिवारिक संबंधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसे सुरक्षित रखने के लिए परिवार के सदस्यों को आपसी संवाद, प्रेम, सहयोग और संस्कारों को महत्व देना चाहिए।
उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट एक साथ बैठकर प्रभु का स्मरण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रार्थना और पारिवारिक संवाद से आपसी संबंधों में मधुरता आती है तथा परिवार में संस्कारों का वातावरण बनता है। उन्होंने गीत के माध्यम से भारतीय परिवार व्यवस्था की महत्ता बताते हुए कहा कि *
भारत की परिवार व्यवस्था रत्नों की खान है।**
उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, मर्यादाओं के पालन और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से परिवारों में संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया जा सकता है।
अतिथियों ने रखे विचार, सेवा का संकल्प दोहराया
कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे जगदीश शक्तावत एवं नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र काला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। नरेंद्र काला ने सभी उपस्थित अतिथियों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नगर की सेवा और सामाजिक हित के कार्यों के प्रति अपना संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत-सम्मान किया गया। वक्ताओं ने समाज में सेवा, संस्कार और समरसता की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।


चरण प्रक्षालन और पूजन का दृश्य बना भावविभोर करने वाला
समारोह का सबसे भावपूर्ण दृश्य उस समय सामने आया, जब 221 कन्याओं का तिलक लगाकर एवं चरण प्रक्षालन कर विधि-विधान से पूजन किया गया। कन्याओं को उपहार भेंट कर उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया गया। यह दृश्य भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान तथा आध्यात्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।
श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा दी। कन्या पूजन के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, संस्कारों के संरक्षण और सेवा भाव का संदेश प्रसारित हुआ।

कार्यक्रम का संचालन अशोक भंडारी ने किया, जबकि सेवा भारती के पर्यावरण आयाम प्रमुख मुकेश कुमार यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। अंत में भोजन मंत्र के साथ कन्या भोज आयोजित किया गया, जिसके पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।
**रिपोर्ट: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी**
