नीचे बैठने वाला ही ऊपर उठता है, विनम्रता से होता है उच्च गोत्र का बंध — मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज
नीचे बैठने वाला ही ऊपर उठता है, विनम्रता से होता है उच्च गोत्र का बंध — मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज इंदौर। संसार में हर व्यक्ति कुछ अलग और बेहतर करने की चाह रखता है, लेकिन वास्तविक ऊंचाई पाने के लिए विनम्रता और समर्पण आवश्यक है। कमल कीचड़ में खिलकर भी अपनी सुंदरता और सुगंध […]
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