मेहनत से दरिद्रता, धर्म से पाप और मौन से कलह होती है दूर : अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी
मेहनत से दरिद्रता, धर्म से पाप और मौन से कलह होती है दूर : अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी 29 सितंबर से 20 अक्टूबर तक मौन साधना में रहकर दिया जीवन को सफल बनाने का संदेश /सोनकच्छ। “मेहनत करने से दरिद्रता नहीं रहती, धर्म करने से पाप नहीं टिकता और मौन रहने से कलह-अशांति नहीं बढ़ती।” […]
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