आर्यिका 105श्री महायश मति जी ने केशलोचन किए
आर्यिका 105श्री महायश मति जी ने केशलोचन किए जयपुर आचार्य श्री108 वर्धमान सागर जी 10 मुनिराज,20 आर्यिकाओं 01 ऐलक 4 क्षुल्लक क्षुल्लिका 36 साधुओं सहित जयपुर चन्द्रप्रभ जिनालय चन्द्रपूरी बड़ के बालाजी में ग्रीष्मकालीन वाचना हेतु विराजित हैं आज अनेक श्रद्धालुओं के सामने श्री वर्धमान सागर जी की सुशिष्या आर्यिका 105 श्री महायशमति माताजी ने 21 […]
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