पुष्पगिरी तीर्थ में रचेगा इतिहास: हजारों श्रद्धालु करेंगे सामूहिक उपवास, ‘हर मास एक उपवास’ महाअभियान से अब तक 15 करोड़ से अधिक लोग जुड़े
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत और सुप्रसिद्ध कथावाचक चिन्मयानंद बापू होंगे शामिल, अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज के सान्निध्य में होगा भव्य आयोजन
सोनकच्छ (मध्यप्रदेश)। धर्म, तप, स्वास्थ्य और मानव कल्याण का अद्भुत संगम बनने जा रहा पुष्पगिरी तीर्थ एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा। 7 अगस्त को यहां हजारों श्रद्धालु एक साथ उपवास कर ‘हर मास, एक उपवास – हर 7 तारीख’ महाअभियान में सहभागी बनेंगे। यह आयोजन अंतर्मना धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास तथा पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर जी महाराज एवं जैनाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा दिगंबर जैन संत अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित होगा।
इस ऐतिहासिक आयोजन की विशेष गरिमा बढ़ाने के लिए कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि सुप्रसिद्ध कथावाचक पूज्य चिन्मयानंद बापू का आध्यात्मिक सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। कार्यक्रम में पद्मश्री कालूराम बामनिया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

अंतर्मना संघ के प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि यह महाअभियान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वस्थ, संयमित और निरोगी जीवन की वैश्विक जनजागृति का अभियान बन चुका है। योगगुरु स्वामी रामदेव जी महाराज जिस प्रकार योग को ‘हरिद्वार से हर द्वार’ तक पहुंचाने का संकल्प लेकर चले, उसी प्रकार अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज उपवास को जन-जन के स्वास्थ्य और आत्मशुद्धि का माध्यम बनाने का संदेश दे रहे हैं।
कार्यक्रम में मालवा के प्रसिद्ध कवि शशिकांत यादव ‘सबरस’ तथा फिल्मी गीतकार अमन अक्षर अपनी काव्यांजलि से आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बनाएंगे। स्वागताध्यक्ष के रूप में विधायक डॉ. राजेश सोनकर उपस्थित रहेंगे। आयोजन की संयोजक मंडली में एस.के. तिजारावाला (हरिद्वार), नीरज जैन (पूर्व डिप्टी मेयर, अजमेर), बसंत सेठी, प्रो. (डॉ.) नलिन के. शास्त्री, प्रदीप जैन (तिजारावाला), आकाश जैन (सोनकच्छ), प्रकाश अजमेरा तथा सुभाष जैन सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्यजन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
557 दिनों की तपस्या से जन्मा महाअभियान
पूज्य अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज की 557 दिनों की कठिनतम उपवास साधना से प्रेरित होकर ‘हर मास, एक उपवास – हर 7 तारीख’ महाअभियान का शुभारंभ आठ माह पूर्व नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ था। आज यह अभियान देश-विदेश में तेजी से जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
गुरुदेव का दृढ़ विश्वास है कि जिस प्रकार विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, उसी प्रकार आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उपवास दिवस भी स्थापित होगा। उनका मानना है कि उपवास केवल धार्मिक साधना नहीं, बल्कि भूख, तनाव, हिंसा, वैमनस्य, रोग, असंतुलन और असंयम जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
गौरतलब है कि ‘हर मास, एक उपवास’ महाअभियान से अब तक 15 करोड़ से अधिक जनमानस जुड़ चुके हैं। पुष्पगिरी तीर्थ में होने वाला यह आयोजन इस जनजागरण अभियान का अब तक का सबसे प्रेरणादायी और ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है, जहां गुरु-शिष्य परंपरा, तप, संयम और मानव कल्याण का अद्वितीय संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचेगा।
प्रचार-प्रसार: रोमिल पाटणी (सोनकच्छ), नरेंद्र अजमेरा, पीयूष कासलीवाल (औरंगाबाद)
जानकारी संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी।





