आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के 59वें दीक्षा दिवस पर आचार्य विद्यासागर महाराज को दी गई भावभीनी विनयांजलि, आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने सुनाए  प्रेरक संस्मरण

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के 59वें दीक्षा दिवस पर आचार्य विद्यासागर महाराज को दी गई भावभीनी विनयांजलि, आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने सुनाए  प्रेरक संस्मरण “बाल्यकाल में मिले गुरु संस्कार ही जीवन को साधना और संयम की दिशा देते हैं” — आचार्य सुनील सागर जी महाराज विजयनगर (इंदौर), 18 जुलाई। परम पूज्य आचार्य श्री […]

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पंचम काल में मुनि परंपरा का पुनर्जागरण करने वाले युगपुरुष थे आचार्य विद्यासागर जी : मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज

पंचम काल में मुनि परंपरा का पुनर्जागरण करने वाले युगपुरुष थे आचार्य विद्यासागर जी : मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज   59वें दीक्षा दिवस पर गुणायतन में विनयांजलि सभा, बोले— गुरु को पाना नहीं, गुरु का बन जाना ही सच्ची गुरु-भक्ति; गुरु के मार्ग को आगे बढ़ाना ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि   मधुबन (गिरिडीह)। आचार्य […]

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“सिर्फ सांस लेना जीवन नहीं, जीवन को सार्थक बनाना ही सच्ची जिंदगी है” — अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

सिर्फ सांस लेना जीवन नहीं, जीवन को सार्थक बनाना ही सच्ची जिंदगी है” — अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज   जिन्दा रहना, जिन्दा लगना और जिन्दा होना’ का अद्भुत आध्यात्मिक विश्लेषण, प्रेम, सेवा, त्याग और परोपकार को बताया जीवन की वास्तविक पहचान   पुष्पगिरी। पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के सानिध्य […]

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भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने आचार्य श्री समयसागर महाराज का लिया मंगल आशीर्वाद, भोपाल चातुर्मास को लेकर बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने आचार्य श्री समयसागर महाराज का लिया मंगल आशीर्वाद, भोपाल चातुर्मास को लेकर बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह   जीवदया, गौसेवा, संस्कारयुक्त शिक्षा और आध्यात्मिक मूल्यों पर हुई सार्थक चर्चा, भोपाल मंगल प्रवेश की तैयारियां तेज   मंडीदीप। संत शिरोमणि, जन-जन के आराध्य, पूज्य पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज का […]

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चाय कौन पीता है? क्यों पीता है? स्वास्तिभूषण माताजी टर्निग पॉइंट पुस्तक आलेख

चाय कौन पीता है? क्यों पीता है? स्वास्तिभूषण माताजी टर्निग पॉइंट पुस्तक आलेख चाय एक गरम पेय पदार्थ है। यह भारत का उत्पाद नहीं बल्कि अंग्रेजों के साथ विदेश से आई वस्तु है। भारत वासी तो गाय और भैंस का दूध पीने वाले थे। अँग्रेज चौराहे पर खड़े होकर चाय फ्री में बांटते थे।   […]

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“धन के पीछे नहीं, धर्म के साथ चलो” : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का प्रेरक संदेश, मक्सी पार्श्वनाथ में पहली बार हुआ मंगल प्रवेश

“धन के पीछे नहीं, धर्म के साथ चलो” : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का प्रेरक संदेश, मक्सी पार्श्वनाथ में पहली बार हुआ मंगल प्रवेश 59वें मुनि दीक्षा दिवस पर आचार्य विद्यासागर महाराज को समर्पित होंगे 59 दीप, 59 कलश और भव्य महाआरती; हजारों श्रद्धालु बनेंगे ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी। मक्सी पार्श्वनाथ (मध्यप्रदेश)। अतिशय […]

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6 साल बाद नसियां जी में फिर सजेगा चातुर्मास: 19 जुलाई को कोटा में होगा निर्यापक मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश

6 साल बाद नसियां जी में फिर सजेगा चातुर्मास: 19 जुलाई को कोटा में होगा निर्यापक मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश   आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य और गृहस्थ अवस्था के लघु भ्राता का वर्षायोग नसियां जी दादाबाड़ी में, 51 स्वागत द्वारों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकलेगा […]

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उदयनगर में अझप्पजोगं (अध्यात्म योग) का आयोजन, आचार्य श्री सुनील सागरजी ने दिया पर्यावरण संरक्षण और साधना का संदेश* 

उदयनगर में अझप्पजोगं (अध्यात्म योग) का आयोजन, आचार्य श्री सुनील सागरजी ने दिया पर्यावरण संरक्षण और साधना का संदेश* इंदौर उदयनगर, 17 जुलाई। आचार्य श्री 108सुनील सागरजी महाराज के पावन सानिध्य में शुक्रवार, 17 जुलाई को प्रातःकाल श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर, उदय नगर में अध्यात्म योग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में […]

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AI नहीं, Spiritual Intelligence बचाएगी मानवता का भविष्य : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज

AI नहीं, Spiritual Intelligence बचाएगी मानवता का भविष्य : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज   गुणायतन के शंका समाधान कार्यक्रम में बोले— AI के साथ SA (Spiritual Intelligence) भी विकसित करें, आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समन्वय ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी   गिरीडीह। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच राष्ट्रसंत […]

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लोग साथ जुड़ते गए, कारवाँ बनता गया…”

“लोग साथ जुड़ते गए, कारवाँ बनता गया…” इन पंक्तियों को लिखने वाले कवि ने शायद जीवन का यही दृश्य कभी अपनी आँखों से देखा होगा। उसने भी अनुभव किया होगा कि इतिहास कभी भीड़ से नहीं बनता, इतिहास एक व्यक्ति के संकल्प से शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे जनसमर्थन की गूंज उसे कारवाँ में […]

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