“धन के पीछे नहीं, धर्म के साथ चलो” : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज का प्रेरक संदेश, मक्सी पार्श्वनाथ में पहली बार हुआ मंगल प्रवेश
59वें मुनि दीक्षा दिवस पर आचार्य विद्यासागर महाराज को समर्पित होंगे 59 दीप, 59 कलश और भव्य महाआरती; हजारों श्रद्धालु बनेंगे ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी।
मक्सी पार्श्वनाथ (मध्यप्रदेश)।
अतिशय क्षेत्र मक्सी पार्श्वनाथ में पहली बार राष्ट्रसंत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज का मंगल प्रवेश ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक उत्साह के बीच संपन्न हुआ। विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि “धन-दौलत कभी व्यक्ति के पीछे नहीं चलती, बल्कि व्यक्ति ही धन के पीछे दौड़ता है। इसी कारण उसे अपना परिवार, गुरु, धर्म और यहां तक कि अपना देश भी छोड़ना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि संसार में तीन प्रकार की शक्तियां कार्य करती हैं। एक वह जिसके पीछे व्यक्ति स्वयं दौड़ता है, दूसरी वह जो व्यक्ति के पीछे दौड़ती है और तीसरी वह दिव्य शक्ति है, जो धर्म के साथ चलने वाले व्यक्ति के जीवन में स्वयं साथ रहती है। मुनिश्री ने कहा कि आज अधिकांश लोग धन के आकर्षण में विदेशों तक चले जाते हैं, लेकिन यदि मन में धर्म के प्रति अटूट निष्ठा हो तो कोई भी लोभ व्यक्ति को उसके धर्म से अलग नहीं कर सकता।

प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने राजपाट, वैभव और अधिकार सब कुछ त्याग दिया, लेकिन धर्म का साथ कभी नहीं छोड़ा। वनवास, कठिनाइयों और अपमान की परिस्थितियों में भी उनके चेहरे पर शिकन नहीं आई और उन्होंने किसी के प्रति द्वेष या शिकायत का भाव नहीं रखा। यही धर्म की वास्तविक शक्ति है।
उन्होंने कहा कि आज थोड़े से धन के लिए परिवार बिखर जाते हैं, भाई-भाई और पिता-पुत्र न्यायालय तक पहुंच जाते हैं, जबकि श्रीराम ने संपूर्ण राज्य छिन जाने के बाद भी धर्म और मर्यादा का दामन नहीं छोड़ा। यही आदर्श प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का मार्गदर्शक होना चाहिए।
59वें मुनि दीक्षा दिवस पर होगा भव्य आध्यात्मिक महोत्सव
समारोह का संचालन करते हुए मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि 18 जुलाई को आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के 59वें मुनि दीक्षा दिवस पर भव्य आयोजन होगा। प्रातः 7 बजे जगत कल्याण की कामना के साथ भूगर्भ से प्राप्त चमत्कारिक चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा संपन्न होगी।
इसके पश्चात आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, 59 कलशों की स्थापना, 59 दीपों का प्रज्वलन, 59 दंपत्तियों द्वारा संगीतमय महापूजन तथा 59 दीपों से भव्य महाआरती की जाएगी। आयोजन के अंत में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज आचार्य विद्यासागर महाराज के विराट व्यक्तित्व, तप और त्याग पर प्रेरणादायी उद्बोधन देंगे।
यह ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बनेगा, जिसमें प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
— संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

