आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से अभिभूत हुए पत्रकार, अहिंसा और शाकाहार का दिया प्रेरक संदेश

धर्म

आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से अभिभूत हुए पत्रकार, अहिंसा और शाकाहार का दिया प्रेरक संदेश

 

**बड़ौत के अजितनाथ सभागार में पत्रकारों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान, स्वावलंबी राष्ट्र निर्माण के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान

 

**बड़ौत।** धर्म, अध्यात्म और पत्रकारिता के अनूठे संगम के साक्षी बने बड़ौत नगर के अजितनाथ सभागार में उस समय आध्यात्मिक वातावरण की अनुपम छटा बिखर उठी, जब आचार्य श्री 108 आर्जवसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में पत्रकारों को गुरुवर के दर्शन एवं मंगल आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर उपस्थित पत्रकार आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मीयता और गुरुचरणों के सान्निध्य से अभिभूत नजर आए। पत्रकारों ने आचार्य श्री के दर्शन कर अपनी जिज्ञासाएं एवं शंकाएं रखीं, जिनका समाधान प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।

 

यह आयोजन केवल पत्रकारों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धर्म, समाज और पत्रकारिता के बीच आत्मीय संबंधों को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी अवसर भी बना।

 

## स्वावलंबी भारत, अहिंसा और शाकाहार का दिया संदेश

 

आचार्य श्री 108 आर्जवसागर जी महाराज ने अपने मंगलकारी संदेश में देश को स्वाश्रित एवं आत्मनिर्भर बनाने, अहिंसा को जीवन में अपनाने और शाकाहार के प्रति जनजागरण का आह्वान किया। उन्होंने प्रेरित किया कि सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल आर्थिक उन्नति से नहीं, बल्कि नागरिकों के नैतिक आचरण, आत्मनिर्भरता, करुणा और संवेदनशीलता से भी होता है।

 

अहिंसा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। प्रत्येक जीव के प्रति दया, करुणा और मैत्री का भाव रखना हमारी मानवीय जिम्मेदारी है। शाकाहार को अपनाना जीवों के प्रति संवेदना प्रकट करने और अहिंसक जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, स्वावलंबन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए ईमानदारी, परिश्रम और स्वदेशी संसाधनों के सदुपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

आचार्य श्री के इन विचारों ने जीवन में सदाचार, संयम और नैतिकता को स्थान देने की प्रेरणा प्रदान की। अहिंसा, शाकाहार और स्वावलंबन जैसे मूल्यों को अपनाकर ही एक संवेदनशील, संस्कारवान और सशक्त समाज की नींव मजबूत की जा सकती है।

 

## वरदान जैन के आमंत्रण पर पहुंचे पत्रकार, मंदिर कमेटी ने किया सम्मान

 

कार्यक्रम में वरदान जैन, मीडिया प्रभारी ने नगर एवं क्षेत्र के पत्रकारों को सादर आमंत्रित किया। उनके आमंत्रण पर पत्रकार अजितनाथ सभागार पहुंचे, जहां **श्री अजितनाथ दिगम्बर जैन प्राचीन मंदिर कमेटी** की ओर से उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।

 

कमेटी ने पत्रकारों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने, समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। आयोजन के माध्यम से पत्रकारों के प्रति सम्मान, सद्भाव और कृतज्ञता का भाव भी अभिव्यक्त हुआ।

 

## गुरु सान्निध्य से मिली आध्यात्मिक प्रेरणा

 

आचार्य श्री आर्जवसागर जी महाराज का पावन सान्निध्य उपस्थित जनों के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का अवसर बना। संतों के विचार और आशीर्वाद व्यक्ति को आत्मचिंतन, संयम, सदाचार तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा दिखाते हैं। वहीं, पत्रकारिता समाज का दर्पण होने के साथ जनचेतना जागृत करने और सामाजिक सरोकारों को मजबूती से सामने लाने का सशक्त माध्यम है।

 

ऐसे आयोजनों से धर्म और पत्रकारिता के बीच संवाद के नए आयाम खुलते हैं तथा समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहन मिलता है। अजितनाथ सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम गुरु आशीर्वाद, पत्रकार सम्मान और सामाजिक समरसता की सुंदर अनुभूति के रूप में स्मरणीय रहा।

 

**जानकारी:** ऋषिका दीदी

**समाचार संकलन:

अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

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