नजर नहीं, विवेक की आंखें खोलिए; तभी सच और भ्रम का अंतर समझ आएगा प्रसन्नसागर महाराज
नजर नहीं, विवेक की आंखें खोलिए; तभी सच और भ्रम का अंतर समझ आएगा प्रसन्नसागर महाराज मौन साधना में अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज का संदेश—ज्ञान और समझ के अभाव में बिगड़ते हैं रिश्ते पुष्पगिरी तीर्थ, सोनकच्छ (मध्य प्रदेश)। “नजर चाहे कितनी भी खुली क्यों न हो, यदि स्वयं की समझ और विवेक की […]
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