आज के इन्सान को धर्म का मर्म, इतना ही समझ में आ जाये कि..वे अपनी गरीबी को किस्मत समझ ले..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
आज के इन्सान को धर्म का मर्म, इतना ही समझ में आ जाये कि..वे अपनी गरीबी को किस्मत समझ ले..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज अतिशय क्षेत्र देवगढ़ प्रतापगढ़ राजस्थान। अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जैन दर्शन कर्म सिद्धान्त को महत्व देता है। […]
Read More