संसारी के जन्म दिन ओर तीर्थंकरों के जन्म कल्याणक मनाए जाते है।धामनोद// दीपक प्रधान की विशेष रिपोर्ट

धर्म

संसारी के जन्म दिन ओर तीर्थंकरों के जन्म कल्याणक मनाए जाते है।धामनोद// दीपक प्रधान की विशेष रिपोर्ट

धामनोद

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धामनोद में12 मार्च 2026 श्री आदिनाथ जयंती अंतर्गत प्रातःश्री आदिनाथ भगवान का नित्य अभिषेक एवं शांति धारा* पुण्यार्जक परिवार द्वारा की गई व साथ सभी इंद के द्वारा की गईर श्री आदिनाथ भगवान महामस्तकाभिषेक एवं शांति धारा* हुई ।प्रतिदिन अभिषेक करना देखने से कर्मों की निर्जरा होती हैं जिनालय से सकारात्मक ऊर्जा ,जीवन में सुख शांति ,ओर पुण्य का आश्रव प्राप्ति होती है।

 

 

श्री  ऋषभदेव भगवान के जन्म के पूर्व भोग भूमि थी कल्पवृक्ष थे उनसे प्राणी जो भी इच्छा कामना करते थे वह वस्तु मिल जाती थी। देवलोक में कंठ में अमृत झरता था इस कारण उन्हें भूख प्यास का अनुभव नहीं होता था।आदिनाथ भगवान के जन्म के बाद उन्होंने जीवन यापन करने के लिए प्रजा को असि ,मसि, कृषि, शिल्प ,कला और वाणिज्य का उपदेश दिया। पुत्रियों ब्राह्मी और सुंदरी के माध्यम से अंक और लिपी कला का ज्ञान दिया । धर्म में बताया कि जीवन का निर्माण देव शके उपदेश से,संयमित,अनुशासित जीवन संस्कार से निर्मितहोता है। इसी से जीवन से निर्वाण अर्थात सिद्धालय की प्राप्ति होगी। संसारी प्राणियों का जन्म दिन मनाया जाता हैं किंतु जो तीर्थंकर, महापुरुष होते हैं उनके जन्म कल्याणक जन्मजयंती मनाई जाती हैं।

आज पूरे विश्व में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ की जन्म कल्याणक पर विश्व धर्म में शीर्षक स्थान में इसका उल्लेख हे आज जैन समाज धामनोद के व मुनिसेवा समिति धामनोद के सहयोग से नगर में धर्म प्रभावना को लेकर दो पहिया वाहन रैली आयोजित की गई जो धामनोद के शुद्रेल फाटे से ढोल धमाकों के साथ अनुशासनबद गुलझरा तक गई वहां से नगर के महेश्वर फाटा के श्रीराम चौराहा पर धर्म सभा में तब्दील हो गई जहां समाज सचिव दीपक प्रधान ने व मुनिसेवा समिति के सचिव संजय जैन व प्रणीति जैन ने प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ जी के जीवन पर प्रकाश डाला कहा श्री आदिनाथ प्रभुजी ने सृष्टि का बदलाव किया और विश्व को असीह मसीह कृषि अंक कृषि का ज्ञान दिया बीजेंस का ऐसे महान देवता को हम सभी नमन करते। जैन समाज अध्यक्ष महेश जैन ने भी कहा कि जन जागरण रेली निकालकर जन जन को जानकारी भी देना थी कि श्री आदिनाथ भगवान विश्व धर्म के निर्माता हे विश्व का कल्याणक किया इस अवसर पर नीलेश जैन ने भी कहा कि धर्म की प्रभावना करना था आज भारी संख्या में जैन समुदाय के समाजजन अपने अपने दोपहिया वाहन से ध्वज लेकर नगर भ्रमण किया आभार लोकेंद्र जैन ने माना आज इस अवसर पर मंदिर जी में श्री आदिनाथ प्रभु को बालक श्री आदिकुमार के रूप में पलने की सजावट कर वेश भूषा पहनाकर पलने में प्रथम बार झुलाने के पुण्याजर्क श्री पारस महेंद्र जैन बने आज स्वर्ण कलश करने के लाभार्थी बने विभा सुनील जैन प्रशांत जैन शांतिधारा के सुरेश जैन परिवार शोभा सुशील जैन एकता विजय जैन थे आज मंदिर में भव्य सजावट की गई थी अब रोजाना बीस दिन तक महिलाओं के द्वारा भक्ति व विनती के कार्यक्रम संध्या को होगे कार्यक्रम का संचालन दीपक प्रधान ने किया आभार प्रशासनिक सचिव लोकेंद्र जैन ने माना इस अवसर कमेटी पदाधिकारी व मुनिसेवा समिति के सदस्य व समाजजन उपस्थित था पोलिस प्रशाशन का सहयोग भी सराहनीय था जानकारी सुनील जैन अजय जैन व मीडिया प्रभारी यश जैन ने द

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *