भगवान ऋषभदेव का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया
जुरहरा
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का जन्म कल्याणक महोत्सव चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बड़ी धूमधाम से मनाया गयाजिसमें सुबह प्रभात फेरी उसके बाद पूजन परिक्षाल तथा शाम को महा आरती की गई
उसके बाद अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान द्वारा दीप प्रज्वलन ,मंगलाचरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम व आदिनाथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की गई जिसमें जैन समाज के पुरुष महिला और बच्चों ने भारी संख्या में भाग लिया

अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान की मंत्री डिंपल जैन ने बताया कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का जन्म अयोध्या में हुआ उनकी माता मरु देवी तथा पिता का नाम नाभिराज था उन्होंने 1000 वर्ष की कठोर तपस्या की

भगवान ऋषभदेव ने मानव समाज को असि, मसि और कृषि, विद्या, वाणिज्य, शिल्प कला जीवन उपयोगी ज्ञान देकर श्रम व्यापार और खेती के माध्यम से जीवन जीने की राह दिखाई
बाद में भगवान ऋषभदेव ने अपने पुत्र भरत और बाहुबली को पूरा राज्य पाठ देकर सन्यास ग्रहण कर लिया भरत के नाम से ही भारत देश का नाम पड़ा
अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान की अध्यक्ष अलका जैन, मंत्री डिंपल जैन, मंजू जैन साधना जैन , पूनम जैन, क्षमा जैन आदि लोगों ने भाग लिया
पत्रकार तरुण जैन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
