आत्मा में निर्विकल्प साम्यभाव, राग द्वेष मोह रहित धारण करना मोक्ष मार्ग है।मुनि श्री चिंतन सागर जी 19 अगस्त को होगी जैनेश्वरी दीक्षा 

आत्मा में निर्विकल्प साम्यभाव, राग द्वेष मोह रहित धारण करना मोक्ष मार्ग है।मुनि श्री चिंतन सागर जी   19 अगस्त को होगी जैनेश्वरी दीक्षा  सीकर मनुष्य पर्याय में तीर्थंकर जैन कुल मिलना बहुत ही सौभाग्य और पुण्य की बात है ।सीकर का सौभाग्य है कि यहां पर विशाल आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ […]

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मन को जीत लो, दुनिया अपने आप आपकी हो जाएगी” : निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज

मन को जीत लो, दुनिया अपने आप आपकी हो जाएगी” : निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज गुरु मत बदलो, णमोकार महामंत्र कभी मत छोड़ो, धर्म के पीछे चलो तो धन स्वयं पीछे आएगा’ सुधासागर महाराज इंदौर। निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव मुनिश्री 108 सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि संसार […]

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🟠 गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरुभक्ति, आत्मकल्याण का सेतु है गुरु का सान्निध्य : निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज

🟠 गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरुभक्ति, आत्मकल्याण का सेतु है गुरु का सान्निध्य : निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज रत्नकरण्डक श्रावकाचार की व्याख्या में मुनिश्री ने बताया सच्चे गुरु का स्वरूप, कहा— श्रद्धा तभी सार्थक जब उपदेश जीवन में उतरें कोटा, 4 अगस्त। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन पुण्योदय […]

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डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों से कैसे निकलें? मुनिश्री सुधासागर महाराज ने बताया साहस और भक्ति का प्रभावी मार्ग

डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों से कैसे निकलें? मुनिश्री सुधासागर महाराज ने बताया साहस और भक्ति का प्रभावी मार्ग इंदौर। परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधासागर महाराज इन दिनों इंदौर में वर्षायोग हेतु विराजमान हैं। उनके सान्निध्य में आयोजित जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में एक श्रद्धालु ने डिप्रेशन, तनाव और जीवन से निराशा जैसे गंभीर […]

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जीवन के तीन मोड़ और अध्यात्म का मार्ग : आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने समय, शक्ति और समझ का गूढ़ रहस्य समझाया

जीवन के तीन मोड़ और अध्यात्म का मार्ग : आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने समय, शक्ति और समझ का गूढ़ रहस्य समझाया इंदौर प्रवचन के दौरान आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज ने जीवन की अनमोल यात्रा का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरक विवेचन करते हुए कहा कि “जीवन एक अंतर्देशीय लिफाफे के समान है। जैसे […]

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विचार-करुणा-आशा के प्रतीक – जगतपूज्य श्रीश ललितपुर की विशेष कलम 

 विचार-करुणा-आशा के प्रतीक – जगतपूज्य श्रीश ललितपुर की विशेष कलम भीड़ में मैं गुरुदेव के दर्शनों की आस लिए खड़ा था। तभी एक सज्जन मेरे पास आए और मुस्कुराते हुए बोले, “क्या आप ललितपुर से हैं?” मैंने हाँ में उत्तर दिया। इतना सुनते ही उनका चेहरा बदल गया। वे भावुक स्वर में बोले, “मैं आपसे […]

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आत्मचिंतन, संयम और साधना से ही होती है आत्मानुभूति की प्राप्ति : मुनि श्री निर्णयसागर महाराज 

आत्मचिंतन, संयम और साधना से ही होती है आत्मानुभूति की प्राप्ति : मुनि श्री निर्णयसागर महाराज  ‘विदिशा। श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (स्टेशन जैन मंदिर), माधवगंज में आयोजित धर्मसभा में पाठशाला प्रणेता मुनि श्री 108 निर्णयसागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य अपने शुद्ध आत्मस्वरूप की पहचान करना है। जब तक […]

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नशा नहीं, आत्मसंयम बनाइए अपनी ताकत; इतने मजबूत बनें कि व्यसन कभी आपकी कमजोरी न बने : अंतर्मना आचार्य प्रसन्नसागरजी महाराज

नशा नहीं, आत्मसंयम बनाइए अपनी ताकत; इतने मजबूत बनें कि व्यसन कभी आपकी कमजोरी न बने : अंतर्मना आचार्य प्रसन्नसागरजी महाराज पुष्पगिरी (सोनकच्छ)। “इतने कमजोर भी मत बनो कि नशा आपका जीना हराम कर दे, बल्कि इतने मजबूत बनो कि नशा कभी आपकी कमजोरी ही न बन पाए।” यह प्रेरणादायी संदेश अंतर्मना आचार्य श्री 108 […]

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सत्य की पहचान से खुलता है सम्यक दर्शन का द्वार, आत्मकल्याण का प्रथम कदम है सत्य’ की अनुभूति : स्वस्तिभूषण माताजी

  सत्य की पहचान से खुलता है सम्यक दर्शन का द्वार, आत्मकल्याण का प्रथम कदम है सत्य’ की अनुभूति : स्वस्तिभूषण माताजी तत्त्वार्थसूत्र के आठ सिद्धांतों की सरल व्याख्या कर श्रद्धालुओं को बताया सम्यक दर्शन का वास्तविक मार्ग केशवरायपाटन। श्रीमुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में वर्षायोग के अंतर्गत आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव गणिनी आर्यिका […]

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गुरुदेव सुधासागर महाराज आखिर यह शरीर है या संकल्प का हिमालय?

गुरुदेव सुधासागर महाराज आखिर यह शरीर है या संकल्प का हिमालय? आज पूरे दिन मैं गुरुदेव को नहीं, तप की परिभाषा को चलता-फिरता देख रहा था। बार-बार मन में एक ही प्रश्न उठता रहा—आख़िर यह शरीर है या संकल्प का हिमालय?     गुरुदेव की आयु और उनका पुरुषार्थ… दोनों को एक तराजू में रखकर […]

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