माता-पिता की सेवा और बच्चों को संस्कार देना ही परिवार की सबसे बड़ी पूंजी -“राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर*
*”माता-पिता की सेवा और बच्चों को संस्कार देना ही परिवार की सबसे बड़ी पूंजी -“राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर* श्री सम्मेदशिखर (गिरिडीह)। परिवार की वास्तविक समृद्धि धन-संपत्ति से नहीं, बल्कि संस्कारों, आपसी प्रेम, आत्मीयता और माता-पिता के सम्मान से होती है। आज की पीढ़ी अपने बच्चों की परवरिश को लेकर जितनी सजग है, उतनी ही सजगता […]
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