माता-पिता की सेवा और बच्चों को संस्कार देना ही परिवार की सबसे बड़ी पूंजी -“राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर* 

*”माता-पिता की सेवा और बच्चों को संस्कार देना ही परिवार की सबसे बड़ी पूंजी -“राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर* श्री सम्मेदशिखर (गिरिडीह)। परिवार की वास्तविक समृद्धि धन-संपत्ति से नहीं, बल्कि संस्कारों, आपसी प्रेम, आत्मीयता और माता-पिता के सम्मान से होती है। आज की पीढ़ी अपने बच्चों की परवरिश को लेकर जितनी सजग है, उतनी ही सजगता […]

Read More

युवा को केवल करियर नहीं,चारित्र भी चाहिए – अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराजयुवा को केवल करियर नहीं,चारित्र भी चाहिए – अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

युवा को केवल करियर नहीं,चारित्र भी चाहिए – अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज   करियर से नौकरी और चरित्र से मिलता है सम्मान; युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाकर जीवन को सफल ही नहीं, सार्थक भी बनाना चाहिए   औरंगाबाद/पुष्पगिरी तीर्थ सोनकच्छ।   युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं में […]

Read More

 त्याग, तपस्या और साधना की दिव्य प्रतिमूर्ति हैं भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी

त्याग, तपस्या और साधना की दिव्य प्रतिमूर्ति हैं भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी अवतरण दिवस पर विशेष आलेख : धर्म, संस्कार और आत्मकल्याण की राह दिखा रहा माताजी का पावन सान्निध्य भारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसी दिव्य विभूतियां होती हैं, जिनका जीवन स्वयं में एक प्रेरणादायी संदेश होता है। जिनका प्रत्येक क्षण […]

Read More

दुर्लभ मनुष्य पर्याय पाकर सिद्धत्व की यात्रा की ओर बढ़ें, पुण्य से मिले पद का दुरुपयोग न करें : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी*

*दुर्लभ मनुष्य पर्याय पाकर सिद्धत्व की यात्रा की ओर बढ़ें, पुण्य से मिले पद का दुरुपयोग न करें : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी* कुण्डलपुर(म.प्र.)। निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समतासागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी को प्राप्त यह मनुष्य जीवन अनेक भवों के पुण्य पुरुषार्थ का […]

Read More

सुखोदय पंचकल्याणक महोत्सव के लिए नौगामा जैन समाज ने मुनिश्री सुधासागर जी महाराज को भेंट किया श्रीफल, वागड़ क्षेत्र में मंगल विहार का किया भावपूर्ण निवेदन

सुखोदय पंचकल्याणक महोत्सव के लिए नौगामा जैन समाज ने मुनिश्री सुधासागर जी महाराज को भेंट किया श्रीफल, वागड़ क्षेत्र में मंगल विहार का किया भावपूर्ण निवेदन इंदौर में मुनिश्री के दर्शन कर प्रतिनिधिमंडल ने लिया मंगल आशीर्वाद, सुखोदय तीर्थ के पंचकल्याणक में पावन सानिध्य प्रदान करने की रखी भावना नौगामा (बांसवाड़ा), 31 अक्टूबर 2026। दिगंबर […]

Read More

लोनारा ग्राम में पहली बार देहदान, रमेशचंद जैन बने मानवता की मिसाल*

*लोनारा ग्राम में पहली बार देहदान, रमेशचंद जैन बने मानवता की मिसाल* धामनोद// से दीपक प्रधान की रिपोर्ट *पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर* *राजेन्द्र जैन महावीर बोले- देहदान से रमेशचंद जैन लोनारा के इतिहास में अमर हो गए, पुत्र आशीष और अमित ने निभाया सामाजिक दायित्व* लोनारा। मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है, लेकिन […]

Read More

ब्रेकिंग न्यूज़ वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने नवीन क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान की

ब्रेकिंग न्यूज़ वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने नवीन क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान की सीकर ब्रेकिंग न्यूज वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज ने सीकर में 31 अक्टूम्बर कार्तिक वदी 6 को क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान की नवीन क्षुल्लिका का क्षुल्लिका 105श्री निर्लेप मति माताजी नामकरण हुआ 108आचार्य श्री वर्धमान सागर जी […]

Read More

अप्रभावना न करना ही सबसे बड़ी प्रभावना है।”

“अप्रभावना न करना ही सबसे बड़ी प्रभावना है।”   यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि आचार्य परम्परा की आत्मा को समझाने वाला वह अमूल्य संदेश है, जिसके उद्गाता थे विश्ववंदनीय, जन-जन के हृदय में विराजमान आचार्य भगवन श्री 108 विद्यासागर जी महाराज। एक दौर ऐसा था कि छोटे-बड़े, युवा-तरुण और वृद्ध सभी बड़े गौरव से […]

Read More

सल्लेखना” आकस्मिक क्रिया नहीं, जीवनभर के संयम, वैराग्य और आध्यात्मिक संस्कारों से जुड़ी साधना : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर*

“*सल्लेखना” आकस्मिक क्रिया नहीं, जीवनभर के संयम, वैराग्य और आध्यात्मिक संस्कारों से जुड़ी साधना : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर* श्रीसम्मेद शिखरजी। सल्लेखना जीवन के अंतिम समय में की जाने वाली कोई आकस्मिक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवनभर के संयम, वैराग्य, त्याग और आध्यात्मिक संस्कारों से विकसित होने वाली साधना है। इसकी तैयारी अंतिम समय में […]

Read More

*प्रकृति के फेफड़ों पर प्रहार कर अपने जीवन की साँसें कैसे सुरक्षित रखेगा इंसान?– आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज* 

*प्रकृति के फेफड़ों पर प्रहार कर अपने जीवन की साँसें कैसे सुरक्षित रखेगा इंसान?– आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज*   नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर। आज इंसान प्रदूषित शहरों को छोड़कर गाँवों की तलाश कर रहा है। हाथों में कुल्हाड़ी लेकर छाँव ढूँढ़ने निकल पड़ा है। कितना विचित्र विरोधाभास है कि एक ओर इंसान शहरों की […]

Read More