महापुरुषों के गुणों का अनुकरण ही आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग : निर्यापक मुनि श्री अभय सागर महाराज
महापुरुषों के गुणों का अनुकरण ही आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग : निर्यापक मुनि श्री अभय सागर महाराज सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन पर 1024 अर्घ्य समर्पित, निष्काम आराधना और शुद्ध भावों से धर्म साधना का दिया संदेश सागर। महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही आत्मकल्याण का वास्तविक मार्ग है। धर्म का उद्देश्य सांसारिक […]
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