राजस्थान में पहली बार गोशाला की पावन भूमि पर होगा आचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर जी महाराज का 38वाँ चातुर्मास गोलोक धाम, निमोडिया से गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और भारतीय संस्कृति का गूँजेगा राष्ट्रीय संदेश

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राजस्थान में पहली बार गोशाला की पावन भूमि पर होगा आचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर जी महाराज का 38वाँ चातुर्मास

गोलोक धाम, निमोडिया से गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और भारतीय संस्कृति का गूँजेगा राष्ट्रीय संदेश

निमोडिया (जयपुर)।

राजस्थान के धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राष्ट्रसंत, पर्यावरण संरक्षक एवं तपोनिधि परम पूज्य आचार्य भगवान 108 श्री प्रज्ञासागर जी महाराज का 38वाँ चातुर्मास इस वर्ष गोलोक धाम, निमोडिया कीप पावन भूमि पर संपन्न होगा। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और मानवीय संवेदनाओं का विराट जनआंदोलन बनने जा रहा है।

 

 

 

विशेष बात यह है कि राजस्थान प्रदेश में पहली बार किसी गोशाला की पवित्र भूमि पर किसी आचार्य का चातुर्मास आयोजित हो रहा है। अब तक चातुर्मास प्रायः मंदिरों, तीर्थ क्षेत्रों अथवा नगरों में होते रहे हैं, किंतु पहली बार गौमाता की सेवा को समर्पित गोलोक धाम में यह ऐतिहासिक अवसर साकार होने जा रहा है। यही कारण है कि देशभर के श्रद्धालुओं में इस चातुर्मास को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है।

 

चातुर्मास व्यवस्था समिति के मुख्य संयोजक राजीव जैन (गाजियाबाद) एवं चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि आचार्य श्री की दीक्षा के 38 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इन वर्षों में देशभर में अनेक ऐतिहासिक चातुर्मास सम्पन्न हुए, लेकिन पहली बार आचार्य श्री ने ऐसी भूमि को चुना है जहाँ गौमाता की सेवा, संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का महायज्ञ निरंतर चल रहा है।

*आचार्य श्री का यह चातुर्मास “एक चातुर्मास गौ माता के नाम” के दिव्य संकल्प को समर्पित रहेगा। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न करना नहीं, बल्कि समाज में गौसेवा, वृक्षारोपण, जीवदया, नशामुक्ति, अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण का व्यापक जनजागरण करना है*

 

*29 जुलाई को उमड़ेगा गुरु भक्ति का महासागर*

 

बुधवार 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित होगा। प्रातः 8 बजे से प्रारम्भ होने वाले इस महोत्सव में देश-विदेश से हजारों गुरु भक्त गोलोक धाम पहुँचेंगे। गुरुवंदना, पूजन एवं भक्ति के माध्यम से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो जाएगा।

 

*2 अगस्त को होगा ऐतिहासिक चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव*

 

*रविवार 2 अगस्त को दोपहर 1 बजे से भव्य चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव आयोजित होगा। जयपुर, निवाई, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, उज्जैन, इंदौर, सूरत, बड़ौदा, चाकसू, कोटखावदा, बोली, मित्रपुरा, बस्सी, चंदलाई, पदमपुरा, निमोडिया सहित देश के अनेक नगरों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है*

 

*जयपुर शहर की 51 कॉलोनियों से विशेष बसों की व्यवस्था की गई है। विशाल पाण्डाल, आवास, भोजन, पेयजल, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य और सुव्यवस्थित अनुभव प्राप्त हो*

 

*एक करोड़ वृक्ष लगाने के संकल्प को मिलेगी नई गति*

*पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने वाले आचार्य श्री लंबे समय से एक करोड़ वृक्ष लगाने के संकल्प के माध्यम से समाज को प्रेरित कर रहे हैं। इसी क्रम में चातुर्मास के दौरान गोलोक धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। हजारों पौधों का रोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जाएगा*

 

*गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का बनेगा राष्ट्रीय केंद्र*

*गोलोक धाम का यह चातुर्मास यह संदेश देगा कि धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि गौसेवा, जीवदया, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा का जीवनदर्शन है*

 

*यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देगा कि यदि गौमाता सुरक्षित है तो प्रकृति सुरक्षित है, संस्कृति सुरक्षित है और मानवता सुरक्षित है*

जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को किया जाएगा आमंत्रित*

चातुर्मास व्यवस्था समिति के मुख्य संयोजक चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में राजस्थान के महामहिम राज्यपाल महोदय को, माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन जी यादव , लोकसभा अध्यक्ष श्रीमान ओम बिरलाजी ,मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद, विधायक तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे गोलोक धाम पहुँचकर गौसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित इस अद्वितीय अभियान का अवलोकन करें और समाज को प्रेरित करें।

 

अंतिम चरण में पहुँची तैयारियाँ

 

*चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष अनिल जैन बनेठा, महामंत्री पारसमल बाकलीवाल, कोषाध्यक्ष रमेश गंगवाल सहित समस्त पदाधिकारी आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं*।

 

*इसी प्रकार गोलोक सेवा समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र जैन, महामंत्री अमित जैन निमोडिया, कार्याध्यक्ष दीपक जैन, कोषाध्यक्ष रोहित जैन तथा सैकड़ों स्वयंसेवक दिन-रात सेवा कार्यों में लगे हुए हैं*।

 

*सिर्फ चातुर्मास नहीं, एक नई सामाजिक चेतना का शुभारम्भ*

 

*गोलोक धाम का यह 38वाँ चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया, अहिंसा, संस्कार और भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का राष्ट्रीय अभियान बनने जा रहा है। इतिहास इस चातुर्मास को उस अवसर के रूप में याद करेगा, जब राजस्थान में पहली बार किसी गोशाला की पवित्र भूमि से धर्म, प्रकृति और करुणा का ऐसा विराट संदेश पूरे देश तक पहुँचा*।

 

“*जहाँ गौमाता का सम्मान होता है, वहीं करुणा, संस्कृति और समृद्धि का वास होता है। आइए, परम पूज्य आचार्य भगवान 108 श्री प्रज्ञासागर जी महाराज के इस ऐतिहासिक 38वें चातुर्मास में सहभागी बनें और गौसेवा* *पर्यावरण संरक्षण तथा जीवदया के इस महाअभियान को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी भागीदारी निभाएँ*”

      संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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