निस्वार्थ भक्ति से ही मोक्ष संभव स्थानक में दिगंबर मुनियों की भव्य अगवानी 

धर्म

 

निस्वार्थ भक्ति से ही मोक्ष संभव स्थानक में दिगंबर मुनियों की भव्य अगवानी 

आगरा।

 श्वेतांबर और दिगंबर जैन समाज में दिखा प्रेम और सद्भाव एकता के जले दीप और जगमगाये समरसता के मोती। पहली बार दिगंबर जैन स्थविर संत श्री सूरत्नसागराचार्य जी महाराज ससंघ महावीर भवन स्थानक में पधारे। 

 

 

जैन संत श्री शांति नाथ दिगम्बर जैन मंदिर टीचर्स कॉलोनी से विहार कर सोमवार को अपने साधु मंडल के साथ महावीर भवन न्यू राजा की मंडी कॉलोनी पहुंचे। जहां प्रवचन प्रभाकर अनुपम मुनि जी महाराज ससंघ ने उनकी भाव भरी अगवानी की। दोनों संतों के मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ हुआ

 

 

।स्थविर संत श्री सूरत्नसागराचार्य जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में सभी रोगों की दवा जिनेंद्र भक्ति है मनुष्य की भक्ति में आनंद की शक्ति छुपी हुई है मात्र उसे देखने और सोचने की आवश्यकता होती है। वह सोमवार को श्री सकल जैन समाज के तत्वावधान में महावीर भवन में आयोजित प्रवचन सभा में उपस्थित जन समूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भक्ति ही मानव के दुखों का निवारण कर सकती है हमें छल कपट मायाचारी से दूर रहकर भक्ति करनी चाहिए भगवान की भक्ति गुणगान और पूजन से ही मोक्ष संभव है। उन्होंने एस एस जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन जी के एकता के प्रयासो की सराहना करते हुए सभी से भगवान महावीर चरण ही नहीं आचरण को अंगीकार करने का आव्हान किया।

 

 

मंगल प्रवचन में प्रभाकर संत अनुपम मुनि जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संप्रदाय और धर्म में अंतर है संप्रदाय तोड़ता है धर्म जोड़ता है कर्तव्य ही धर्म है। सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं उक्त विचार रखते हुए उन्होंने यहां पंथ भेदों को भूलाकर समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। वहीं महासती रिद्धिमा जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव की गति सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि इस गति में आत्म धर्म और तप करके मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। इसी कारण भगवान महावीर ने केवल ज्ञान दृष्टि से मन भाव को देखकर मोक्ष पाने के लिए मनुष्य गति को धारण किया। उन्होंने स्वाभिमान और अभिमान को एक सिक्के के दो पहलू बताते हुए दोनों के अर्थ पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने एकता के प्रयासों का वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।

 

 

एस एस जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि मुनि श्री के पधारने से पुण्य स्थल की उर्जा में वृद्धि हुई है।आगरा दिगम्बर परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन ने मुनियों के चातुर्मास से सभी धर्म प्रेमियों की ज्ञान पिपाशा बुझेगी। पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने सकल जैन समाज के पूर्व संयोजक स्वर्गीय श्री अशोक जैन सी ए को स्मरण कर उनके द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। मूर्ति पूजक संघ के राज कुमार जैन ने पूर्व में भी जैन संतों द्वारा की गई एकता के प्रयासों का जिक्र करते हुए पूज्य विद्यानंद मुनि जी व राष्ट्र संत कवि अमर मुनि जी का स्मरण किया।अन्य वक्ताओं में प्रमुख रूप से श्री शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर, टीचर्स कॉलोनी के अध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, मंत्री दीपक जैन मसाले वाले, एस एस जैन समिति लोहा मंडी के मंत्री सुशील जैन, परिषद के मनोज जैन आदि प्रमुख थे।वहीं सरिता काला,प्रीति गादिया श्रुति जैन आदि ने भजनों के माध्यम से स्वर लहरिया बिखेरी।

एस एस जैन ट्रस्ट न्यू राजा की मंडी के मंत्री राजेश सकलेचा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।वहीं संचालन डॉक्टर राजीव जैन द्वारा किया गया| इस रूप से उपस्थित लोगों में सुरेन्द्र कुमार चपलावत, सुरेश जैन,रंजीत सुराना,सन्देश जैन,शुभम जैन आदि प्रमुख थे।

          शुभम जैन आगरा से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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