आचार्य पद जिम्मेदारी का प्रतीक, इसके पीछे दौड़ना मोक्ष मार्ग नहीं’महासागर महाराज
सागर |
बाहुबली कॉलोनी में आचार्यश्री समय सागर महाराज के द्वितीय आचार्य पदारोहण दिवस पर धार्मिक आयोजन हुए। इस अवसर पर मुनिश्री महासागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि आचार्य पद अत्यंत जिम्मेदारी का पद होता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सच्चा साधक इसके पीछे नहीं दौड़ता।
उन्होंने कहा कि संसार में व्यक्ति पद और प्रतिष्ठा के पीछे भागता है, लेकिन मोक्ष मार्गी ऐसा नहीं करता, जो पद की इच्छा रखता है, वह मोक्ष मार्ग का सच्चा साधक नहीं हो सकता। 

सम्यक दृष्टि जीव सदैव अच्छे परिणामों के साथ जीवन जीता है और न तो निंदा से डरता है और न ही प्रशंसा से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि धर्म में पक्षपात का कोई स्थान नहीं है और मोक्ष मार्गी को केवल एक लक्ष्य आत्मकल्याण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने आचार्यश्री विद्यासागर महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य समय सागर महाराज उनकी प्रतिकृति हैं, जिन्हें कभी पद की इच्छा नहीं रही। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में आचार्यश्री की पूजन कर उनके जीवन व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
