धर्मसभा शांतिवीर धर्म स्थल में माताजी ने युवाओं को दिए संस्कारों के संदेश साहस वही जो सत्य के मार्ग पर चलाए स्वस्तिभूषण माताजी
नैनवां
दिगंबर जैन शांतिवीर धर्मस्थल पर धर्मसभा में भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने संस्कार, मर्यादा और निडरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा साहस वही है जो कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे, गलत कार्यों के लिए दिखाया गया साहस वास्तविक निडरता नहीं है।
युवाओं को भेड़चाल (एक-दूसरे की अंधी नकल) से बचने की नसीहत देते हुए माताजी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी अलग पहचान और मर्यादा बनानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे धार्मिक स्थलों पर मर्यादित वेशभूषा ही अपनाएं, जो हमारी संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है।

संगीतकार रवींद्र जैन का दिया उदाहरण
इस अवसर पर दृष्टिहीन होने के बावजूद संगीत में मुकाम बनाने वाले रविंद्र कुमार जैन का उदाहरण देकर बताया गया कि गुरु मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। युवाओं व युवतियों को दुर्व्यसनों और अभक्ष्य वस्तुओं के त्याग का संकल्प दिलाया गया। साथ ही, जैन धर्म के अनुरूप ही जीवनसाथी चुनने का संदेश दिया। वहीं, गर्ल्स स्टार प्रशिक्षण के
दूसरे दिन बालिकाओं को समझाया गया कि वे अपनी समस्याएं मन में दबाने के बजाय परिवार से साझा करें। माताजी ने कहा कि संत भी कभी साधारण बालिकाएं थीं, ज्ञान और साधना के बल पर ही उन्होंने यह मुकाम पाया है।

धर्मसभा से पूर्व नवनी जैन और महावीर सरावगी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। पूज्य माताजी का मंगल विहार केशोरायपाटन अतिशय क्षेत्र के लिए हुआ। जहां आगामी दिनों में भव्य महोत्सव होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
