श्रद्धा दूरियों को मिटा देती है, धैर्य से खिल उठते हैं भक्ति के कमल : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज*
*श्रद्धा दूरियों को मिटा देती है, धैर्य से खिल उठते हैं भक्ति के कमल : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज* कुण्डलपुर(म.प्र.)। जैन दर्शन में निमित्त और उपादान का सिद्धांत जीवन को समझने की महत्वपूर्ण दृष्टि प्रदान करता है। प्रत्येक कार्य अपने उपादान से होता है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति में निमित्त की सहयोगी भूमिका भी […]
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