“सिर्फ सांस लेना जीवन नहीं, जीवन को सार्थक बनाना ही सच्ची जिंदगी है” — अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
सिर्फ सांस लेना जीवन नहीं, जीवन को सार्थक बनाना ही सच्ची जिंदगी है” — अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जिन्दा रहना, जिन्दा लगना और जिन्दा होना’ का अद्भुत आध्यात्मिक विश्लेषण, प्रेम, सेवा, त्याग और परोपकार को बताया जीवन की वास्तविक पहचान पुष्पगिरी। पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के सानिध्य […]
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