*दो आचार्य, एक मंच और हजारों श्रद्धालु—दाहोद में रचा गया आध्यात्मिक इतिहास*
दाहोद, 18 जून 2026।
गुजरात के दाहोद नगर में गुरुवार को जैन समाज के लिए एक अत्यंत गौरवशाली एवं ऐतिहासिक अवसर साकार हुआ, जब परम पूज्य प्राकृताचार्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज एवं अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज अपने-अपने ससंघ के साथ दाहोद स्थित विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में पहुंचे और सामूहिक रूप से देववंदना संपन्न की।
इस अवसर पर लगभग 60-70 मुनिराज एवं आर्यिकामाताओं का विशाल संघ उपस्थित रहा। इतने बड़े संत-संघ द्वारा एक साथ देववंदना का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावविभोर एवं अविस्मरणीय रहा। मंदिरों में भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम वातावरण देखने को मिला।


देववंदना के उपरांत दोनों आचार्य भगवंतों ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्म, संयम, आत्मकल्याण एवं गुरुभक्ति पर प्रेरणादायी प्रवचन प्रदान किए। श्रद्धालुओं ने आचार्यों के मंगलमय उद्बोधनों का लाभ लेकर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लिया।
इसके पश्चात दोनों संघों की आहारचर्या विधिपूर्वक संपन्न हुई। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ।


संध्याकाल में श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति में दोनों आचार्य भगवंतों की भव्य आरती संपन्न हुई। भक्तों ने गहन श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती में सहभागिता कर पुण्यार्जन किया। आरती के दौरान पूरा वातावरण जयघोषों और भक्ति भाव से गुंजायमान हो उठा।
दाहोद में आयोजित यह ऐतिहासिक आध्यात्मिक संगम जैन समाज के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा तथा धर्म, भक्ति और साधना की प्रेरणा देता रहेगा।
*– माही धीरवत (पीपलखूंट राजस्थान) से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
