भाग्य भरोसे नहीं, कर्म की बदौलत चलती है श्रमण संस्कृतिः मुनि श्री सुधासागर महाराज
भाग्य भरोसे नहीं, कर्म की बदौलत चलती है श्रमण संस्कृतिः मुनि श्री सुधासागर महाराज अशोकनगर श्रमण संस्कृति भाग्य भरोसे नहीं, बल्कि कर्म के सिद्धांत पर चलती है। किस्मत से धर्म नहीं चलता, कर्म से न धर्म चलता है। प्रकृति कभी भाग्य तो कभी कर्म के अधीन रूप बदलती है। अगर आप भाग्य के भरोसे बैठ […]
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