व्यवस्थाओ को देख कर पता लग जाता है कोई विशेष व्यक्ति आ रहा है सुधासागर महाराज आचार्य श्री की कीर्ति को गाने वाला भव्य स्तंभ बनेगा-जजपाल जज्जी
अशोकनगर —
व्यवस्थाओ को देख कर पता चलता है कि कोई विशेष व्यक्तित्व आया है। आज कोई व्यवस्था नहीं है कल इतनी व्यवस्था क्यों बनाई गई।जव कोई उपकारी आपके बीच आता है तो धक्के खाना भी मंजूर हो जाता है। हमने भी आचार्य श्री के साथ खूब धक्के खाये है। मैंने कहा कि भईया मैं वहीं हूं जो चातुर्मास में तुम्हारे नगर में था फिर भी आचार्य श्री के आते ही हम सब को छोड़ कर लोग आचार्य श्री के पडगाहन को दौड़ लगा देते थे। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कौन है हम सब का पडगाहन करना छोड़ कर आचार्य श्री को पड़गाहन करने चल देते हैं । यदि किसी गुणवान के नाम लेने से तुम्हारा अपमान होता तो इसमें बुरा मत मानना किसी गुणवान की प्रसंशा हो तो जरूर करना ।उक्त आश्य के उदगार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री 108 सुधासागर महाराज ने व्यक्त किए। .
*
कीर्ति स्तंभ का शिलान्यास किया गया
मुनि संघ के सान्निध्य में संत शिरोमणि आचार्य भगवंत गुरुवर श्री विद्यासागर जी के कीर्ति स्तंभ का शिलान्यास प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भईया के मंत्रोच्चार के बीच विधायक ब्रजेन्द्र सिंह यादव, पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी, न.पा. अध्यक्ष नीरज मनोरिया सहित अन्य प्रमुख जनो ने मुख्य शिलान्यास के साथ अन्य जनों ने शिला स्थापित की।


इस अवसर पर पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के गुणों की कीर्ति सारे संसार में फैले इसमें हम सब का योगदान हो ऐसी हम सब की कामना है। उनकी कीर्ति दिग दिगंत बनी रहें हम सब की ऐसी भावना है ।


महाराज श्री ने कहा बहुत अच्छा प्रसंग आया है आपका मित्र मजिस्ट्रेट बन गया। कभी बिना बुलाये आता था ।अव वह स्टेशन की टेबल पर बैठ कर गप्पें नहीं कर सकता। वह अब मजिस्ट्रेट बन गया। आपका मित्र वह नहीं रहा अब उस पर मजिस्ट्रेट के पद का भार है।
जब-जब किसी गुणवान को देख कर वह तुम्हारा सम्मान नहीं कर पा रहा और तुम्हारे मन में खेद नहीं आना चाहिए।तुम को किसी गुणवान के कारण यदि कुर्सी छोड़नी पड़े तो मन में खेद मत करना। ख़ुशी ख़ुशी कुर्सी छोड़ने वाले के लिए अगले भव में उससे भी अच्छी कुर्सी मिलेगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
