चार प्रकार का होता है धर्म दान शील तप भावशरीर की शोभा आभूषण मात्र से है।— साध्वी श्री सुपार्श्व निधि जी
चार प्रकार का होता है धर्म दान शील तप भावशरीर की शोभा आभूषण मात्र से है।— साध्वी श्री सुपार्श्व निधि जी महिदपुर रोड स्थानीय श्री सुविधि नाथ जैन मंदिर परिसर स्थित राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में विराजित परम पूज्य साध्वी श्री सुपार्श्व निधि जी महाराज साहब ने मंगलवार को धर्म सभा में जिनवाणी का रसपान […]
Read More