प्रथमाचार्य दिगंबराचार्य श्री शांति सागर जी ने धर्म ,जिनालय जिनवाणी, संस्कृति की रक्षा हेतु महान कार्य कियाआचार्य श्री वर्धमान सागर जी
प्रतापगढ़ 
पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 33 साधु सहित अनेक जिनालयों, अनेक साधुओं की जन्म भूमि धर्म नगरी प्रतापगढ़ में एक अप्रैल को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जूना मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बताया कि इसी मंदिर परिसर में सन 1968 में आचार्य श्री शिवसागर जी का वर्षायोग हुआ था तब हम ब्रह्मचारी अवस्था में थे इसी परिसर में स्टेज पर पांच-पांच उपवास के बाद वह प्रवचन करते थे।यह धर्म देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 42 वर्षों के बाद प्रतापगढ़ प्रवेश पर आयोजित धर्म सभा में प्रकट की । राजेश पंचोलिया अनुसारआचार्य श्री ने आगे बताया कि प्रतापगढ़ समाज गुरुभक्त समाज है उन्होंने मिंडा ,गांधी जवेरी परिवार का स्मरण किया। जैनधर्म अनादि निधन धर्म है जो की24तीर्थंकरों द्वारा प्रतिपादित है। आप लोग नारा लगाते हैं दिगंबर साधु देख लो त्याग करना सीख लो, धन का अर्जन कर विसर्जन भी करना चाहिए अर्थात द्रव्य धन दान देना चाहिए। प्रसिद्ध भामाशाह इसी राजस्थान के थे जिन्होंने देश और प्रांत की रक्षा के लिए अपने संपत्ति दान की थी । प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जो की दिगंबर धर्माचार्य थे उन्होंने संस्कृति, जिनालय, जिनवाणी की रक्षा की। जैन धर्म में अहिंसा की प्रधानता है तथा सभी प्राणियों के प्रति मैत्री और दया का भाव होना चाहिए। आचार्य श्री ने देव शास्त्र गुरुओं की शोभा यात्रा में बगैर जूते चप्पल के शामिल होने की प्रेरणा दी।इसके पूर्व एम आर मल्टी पर हजारों समाज जनों ने आचार्य श्री संघ की भव्य मंगल अगवानी की। शोभा यात्रा में शताधिक महिलाओं ने मस्तक पर कलश धारण किए। सभी पुरुष सफेद कुर्ता ,पायजामा, पगड़ी तथा महिलाएं पीली ,,लाल केसरिया परिधान में ,नगर के धार्मिक मंडल अपनी वेशभूषा में शामिल होकर श्री जी ओर आचार्य श्री शांति सागर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की जय जय कार से नगर को गुंजायमान कर रहे थे । सकल दिगंबर समाज ओर मुनि सेवा समिति के तत्वाधान में शोभायात्रा प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों कलेक्टर चौराहा, अंबेडकर चौराहा से नीमच नाका रोड से नगर के अधिकाश जैन मंदिरों के आचार्य श्री संघ ने दर्शन किए ।शोभा यात्रा के मार्ग में समाज जनों ने भक्ति भाव से आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर मंगल आरती उतारी। शोभायात्रा में समाज जन जैन धर्म की पताका लहरा कर भक्ति प्रदर्शित कर रहे।शोभा यात्रा का समापन दिगम्बर जूना मंदिर परिसर के वर्धमान पांडाल में हुआ। मंगलाचरण,श्री जी आचार्य श्री शांति सागर जी सहित पूर्वाचार्यों के चित्र का अनावरण ओर दीप प्रज्ज्वलित , आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट पुण्यशाली परिवारों द्वारा की गई।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
