आज का इंसान पैसे के पीछे दौड़ लगाकर अपने मन की शांति को खो रहा है। समत्व सागर महाराज 

धर्म

आज का इंसान पैसे के पीछे दौड़ लगाकर अपने मन की शांति को खो रहा है। समत्व सागर महाराज 

झालरापाटन।

दिगंबर जैन आचार्य श्री 108विशुद्ध सागर महाराज के मुनिश्री 108समत्व सागर महाराज ने कहा कि आज का इंसान पैसे के पीछे दौड़ लगाकर अपने मन की शांति को खो रहा है। शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में रविवार सुबह आयोजित धर्म सभा में मुनि समत्व सागर महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति को समत्व भाव लेकर आगे बढ़ना चाहिए लेकिन आज का इंसान जो नहीं करना चाहिए उसे कर मन में शांति की अपेक्षा कर रहा है।

हमें किस समय क्या करना चाहिए यदि यह कला आ जाए तो मन को शांति और वास्तविक प्रसन्नता मिलेगी। आज का इंसान कषाय के वशीभूत होकर दिन रात इसी उधेड़बुन में लगा रहता है जबकि उसे इन कषाय से निवृत्त होकर अपना समय धर्म के कार्य में लगाना चाहिए जिससे उसका भव सुधर सके।

 

उन्होंने कहा कि आज अच्छे-अच्छे अरबपति और करोड़पति आर्थिक रूप से संपन्न है लेकिन उनके पास शांति नहीं है। जिनके पास अधिक पैसा है वह शांति चाह रहा है और जिनके पास धन संपत्ति नहीं है वह धन संपत्ति कीचाह रख रहा है। आज के इस आधुनिक युग में दिगंबर जैन धर्म शाश्वत वैज्ञानिक धर्म है। जिसमें मुद्रा की ही कीमत है। दिगंबर जैन धर्म की मुद्रा साधु के हाथ में पीछी कमंडल के साथ देखी जाती है। यदि किसी साधु के पास पीछी एवं कमंडल की मुद्रा नहीं है तो वह दिगंबर होकर भी मान्य नहीं है।

 

शील सागर महाराज ने भी प्रवचन दिए। 12 साधुओं का मंगल प्रवेश।

रविवार शाम को उपाध्याय विकसंत सागर महाराज ने 12 साधुओं के साथ नगर में मंगल प्रवेश किया। दिगंबर जैन समाज ने नेमीनगर लालबाग के यहां मुनि संघ की अगवानी की। यहां से शोभायात्रा के रूप में मुनि संघ शांतिनाथ जैन मंदिर पहुंचा। 31 मार्च को दोपहर 2 बजे दोनों संघ के सानिध्य में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज का 18 वा आचार्य पदारोहण दिवस मनाया जाएगा। जिसमें चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन, आरती, माताजी को वस्त्र भेंट, दोनों आचार्य की संगीतमय पूजन होगी। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार जैन बैंक वाला ने किया।

         संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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