भटका रहा मोबाइल संयम हीनता से लोगों में बढ़ रहा है द्वेष निरोग सागर महाराज 

भटका रहा मोबाइल संयम हीनता से लोगों में बढ़ रहा है द्वेष निरोग सागर महाराज  गुना  महावीर भवन में आयोजित धर्म सभा में बोलते हुए पूज्य मुनि श्री 108 निरोग सागर महाराज ने आज के युग में मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग, राग द्वेष और पतनशीलता को लेकर गहरी चिंता जताई।      महाराज श्री ने […]

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समाधि – दिवस भाद्र शुक्ल दोज25 अगस्त पर विशेष आलेख*बीसवीं सदी के उपसर्ग विजेता हैं आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज*

समाधि – दिवस भाद्र शुक्ल दोज 25 अगस्त पर विशेष आलेख*बीसवीं सदी के उपसर्ग विजेता हैं आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज* सच्चे देव-शास्व गुरू जैन संस्कृति के मूल बिन्दु है। भारत देश महान है जहाँ त्याग, तप, साधना एवं चारित्र प्रधान माना जाता है। इसी भूमि पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या है, और सम्मेद शिखर जी […]

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काम जब बिगड़ता है जब मन बिगड़ता है आचार्य श्री ने मन की सफाई करने पर दिया जोर

काम जब बिगड़ता है जब मन बिगड़ता है आचार्य श्री ने मन की सफाई करने पर दिया जोर रामगंजमंडी परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने रविवार की बेला में मंगल प्रवचन देते हुए मन की सफाई पर जोर दिया उन्होंने कहा मन से अशुभ दूर होना चाहिए। सारी दारोमदार धर्म ध्यान की […]

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जैन मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज सानिध्य में हुई पत्रकार वार्ता आयोजित

जैन मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज सानिध्य में हुई पत्रकार वार्ता आयोजित बूंदी, 24 अगस्त। देवपुरा में स्थित जैन संतशाला में रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मुनिश्री 108सुप्रभ सागर महाराज ने आगामी दशलक्षण पर्व पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक दशलक्षण पर्व […]

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आगम साधु के नेत्र हैं समाज को धर्म के लिए संगठित होना बहुत जरूरी हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

आगम साधु के नेत्र हैं समाज को धर्म के लिए संगठित होना बहुत जरूरी हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी टोंक आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चातुर्मास हेतु संघ सहित टोंक विराजित है।आज उपदेश में बताया कि साधु के नेत्र आगम है साधु को आगम अनुसार चलना चाहिए ,साधु का लक्षण परिग्रह रहित , कषाय रहित […]

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में लिख के दे सकता हूँ तुम मरोगे नहीं..? ….अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी*पर्यूषण पर्व में संत का जीवन जीकर देखो …पता चलेगा कैसा होता है संतजीवन..क्या होती हे चर्या

में लिख के दे सकता हूँ तुम मरोगे नहीं..? ….अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी*पर्यूषण पर्व में संत का जीवन जीकर देखो …पता चलेगा कैसा होता है संतजीवन..क्या होती हे चर्या औरंगाबाद/सोनकच्छ, गाजियाबाद. .तुम शुरुआत करो परमात्मा अंत करेगा परमात्मा ओर गुरु की भक्ति करते रहो क्योंकि जिसने दांत दिए है वो दाना भी देगा। लेकिन […]

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आचार्य श्री शान्तिसागर महाराज आध्यात्मिक उद्योगपति थे आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

आचार्य श्री शान्तिसागर महाराज आध्यात्मिक उद्योगपति थे आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज टोंक प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज परम तपस्वी रहे आपने 35 वर्ष के साधु जीवन में 9938 उपवास किए। दिगंबर मन्दिरों जैन धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए 1105 दिनों तक अन्न आहार का त्याग किया। 5 रसों फल का त्याग कर […]

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जिनमें आत्मा धर्म से जुड़ती है नैतिकता से जुड़ती है, कर्तव्यों से जुड़ती है, समीचीन क्रियाओ से जुड़ती है वह पर्व कहलाता है।  आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज 

जिनमें आत्मा धर्म से जुड़ती है नैतिकता से जुड़ती है, कर्तव्यों से जुड़ती है, समीचीन क्रियाओ से जुड़ती है वह पर्व कहलाता है।  आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज  रामगंजमंडी  परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए पर्व का महत्व बताया उन्होंने कहा हमे मन की सफाई करना चाहिए। मन में […]

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जयपुर महानगर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का 13 वां दिन भक्ति के साथ दीप अर्चना की*

*जयपुर महानगर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का 13 वां दिन भक्ति के साथ दीप अर्चना की*    जयपुर 23 अगस्त । परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य परम पूज्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज जंगल वाले बाबा ,मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज ससंघ के आशीर्वाद से प्रतिदिन […]

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जिसके जीवन में ईर्ष्या की आग जलती है,उसका जीवन छोटा ही नहीं,खोटा भी होता है”- मुनि श्री प्रमाणसागर  

“जिसके जीवन में ईर्ष्या की आग जलती है,उसका जीवन छोटा ही नहीं,खोटा भी होता है”- मुनि श्री प्रमाणसागर   भोपाल  “स्वच्छता बाहर की नहीं, भीतर से भी होंना चाहिये” उपरोक्त विषय पर उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने अवधपुरी भोपाल में व्यक्त किये मुनि श्री ने कहा मनुष्य की चार दुर्बलताएं है क्रोध,ईर्ष्या, लोभ,अहंकार इस […]

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