भटका रहा मोबाइल संयम हीनता से लोगों में बढ़ रहा है द्वेष निरोग सागर महाराज
गुना
महावीर भवन में आयोजित धर्म सभा में बोलते हुए पूज्य मुनि श्री 108 निरोग सागर महाराज ने आज के युग में मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग, राग द्वेष और पतनशीलता को लेकर गहरी चिंता जताई।
महाराज श्री ने कहा कि पूर्वाचार्यों ने बड़े-बड़े ग्रंथों की रचना कर समाज को दिशा दी, लेकिन आज लोग मोबाइल को जीवन का आधार मानते हुए आत्मा से दूर हो गए हैं। महाराज श्री ने कहा मोबाइल हमें दुनिया की खबर तो दे सकता है लेकिन आत्मा की नहीं।
उन्होंने कहा कि मोक्षमार्ग पर केवल कर्मों की निर्जरा से ही बढ़ा जा सकता है न की आलोचना और सलाहों से। महाराज श्री ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के वचनों का स्मरण कराते हुए कहा कि शब्द पंगु होते हैं जवाब ना देना ही लाजवाब होता है।
राग द्वेष और विघटन का बन रहा है माध्यम
मोबाइल को राग द्वेष और विघटन का माध्यम बताते हुए कहा कि आज लोग हर प्रश्न का उत्तर मोबाइल में ढूंढते हैं, लेकिन यह साधना और आत्मिक शांति नहीं दे सकता। लोग इसकी आड़ में दूसरों की निंदा और आलोचना कर रहे हैं। जिससे समाज में विद्वेष और विघटन की स्थिति बन रही है। 

संयम साधना और मोन तीन आत्म उन्नति के साधन है न कि शब्दों और सलाहों की बहस
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312





