स्वाभिमान और स्वाभिमानी वही श्रेष्ठ है..जिसकी वाणी और व्यवहार में, मधुरता तथा स्वभाव में विनम्रता हो..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
स्वाभिमान और स्वाभिमानी वही श्रेष्ठ है..जिसकी वाणी और व्यवहार में, मधुरता तथा स्वभाव में विनम्रता हो..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज मिराखेडी दाहोद गुजरात अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने गुजरात के मिराखेडी में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि। जैसे — वह धातु, जो अग्नि में तपाए बिना ही मुड़ […]
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