पूज्य मुनिश्री चंद्रप्रभ सागर महाराज की तपस्या का ही प्रतिफल उन्हे मिला जो आचार्य गुरुवर की अंतिम क्षणों में वह गुरुवर के समीप रहे।
पूज्य मुनिश्री चंद्रप्रभ सागर महाराज की तपस्या का ही प्रतिफल उन्हे मिला जो आचार्य गुरुवर की अंतिम क्षणों में वह गुरुवर के समीप रहे। संतो के संत महा संत महामनाआचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज ब्रह्मलीन हो गए। लेकिन उनकी साधना उनकी निष्प्रहता युगों युगों तक जीवंत रहेगी। आचार्य गुरुवर के समीप भला कौन नहीं […]
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