आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज श्रमण संस्कृति का सूर्य थे जमनालाल हपावत
परम पूज्य आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की समाधि उपरांत गुरुदेव के प्रति सभी अपने भाव प्रकट कर रहे हैं। श्री दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष जमनालाल हपावत ने अपने भाव प्रकट किए उन्होंने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज श्रमण संस्कृति का सूर्य अस्त थे आज श्रमण संस्कृति का सूर्य अस्त हो गया। निश्चित रूप से यह एक अमूल्य क्षति है।
उन्होंने आगे कहा कि आचार्य गुरुवर जैन जगत के नहीं जन-जन के संत थे जीवो के प्रति करुणा उनके जीवन में परिलक्षित थी।

वे एक परिषह विजयी साधक थे। स्वरों रोजगार स्वालंबन की प्रेरणा गुरुवर द्वारा प्रदान की गई। ऐसी महामना साधक के चरणों में कोटि-कोटि नमोस्तु
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
