नीलांजना की आकस्मिक मृत्यु देखकर प्रभु को हुआ वैराग्य, लिया दीक्षा का निर्णय” : मुनि श्री संभवसागर महाराज
“नीलांजना की आकस्मिक मृत्यु देखकर प्रभु को हुआ वैराग्य, लिया दीक्षा का निर्णय” : मुनि श्री संभवसागर महाराज विदिशा। “नीलांजना का दृश्य देखा, उसकी आकस्मिक मृत्यु और संसार की असारता का भान हुआ, तब प्रभु ने दीक्षा लेकर वन की ओर गमन किया।”ये उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के […]
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